ठेके पर रखे एसडीओ और जेई संदेह के घेरे में, मांगी दो साल के काम की रिपोर्ट
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जालंधर (राजन) : नगर निगम के आउटसोर्स पर रखे एसडीओ और जूनियर इंजीनियर के करीबी रिश्तेदारों के विकास कार्यों से जुड़े टेंडर लेने की चर्चा के बाद सभी आउटसोर्स एसडीओ और जेई के कामकाज की मानिटरिंग शुरू हो गई है। इनके पिछले दो साल के कामकाज की रिपोर्ट जुटाई जा रही है। यह जांच की जा रही है कि पिछले दो साल में कौन-कौन से नए ठेकेदार निगम से जुड़े और इनकी आउटसोर्स पर रखे एसडीओ और जूनियर इंजीनियर के साथ निकटता है या नहीं।
नए ठेकेदारों की निगम में ठेके लेने की अप्रूवल की भी जांच होगी। इस गड़बड़ी में एक जूनियर इंजीनियर का नाम तो स्पष्ट हो चुका है। जूनियर इंजीनियर के ससुर की ठेका कंपनी को कई ठेके मिले हैं। अब बाकी जूनियर इंजीनियर से जुड़े लोगों की भी जांच हो रही है। बिल्डिंग एंड रोड्स डिपार्टमेंट के एक अधिकारी ने कहा है कि सभी जूनियर इंजीनियर और एसडीओ के कामकाज पर नजर रखी गई है। उनके आसपास के लोगों का रिकार्ड भी पता कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई गड़बड़ी मिलती है तो कार्रवाई होगी।
न्होंने कहा कि यह जरूरी है कि ऐसे लोगों की पहचान हो जो निगम में रहकर निगम को नुकसान पहुंचा रहे हैं। हालांकि इन एसडीओ और जूनियर इंजीनियर की जवाबदेही निगम के प्रति कम है क्योंकि वह ठेका कंपनी के कर्मी हैं। उन्हें अधिक से अधिक काम से ही हटाया जा सकता है। अगर ये एसडीओ और जूनियर इंजीनियर काम छोड़ना भी चाहेंगे तो अपनी ठेका कंपनी को ही इस्तीफा देंगे।
वैसे नियम के अनुसार नगर निगम के किसी भी कर्मचारी के ब्लड रिलेशन वाले लोग ठेका नहीं ले सकते हैं। दूसरे रिश्तेदारों पर इसकी रोक नहीं है लेकिन करीबी रिश्तेदारी हो तो एसडीओ, जूनियर इंजीनियर व अन्य कर्मचारी अपने करीबियों को फायदा जरूर पहुंचा सकते हैं। पिछले दिनों से यह चर्चा बनी हुई है कि एसडीओ और जूनियर इंजीनियर के करीबी ने निगम के ठेके लेकर घटिया क्वालिटी का काम कर रहे हैं और इन्होंने करोड़ों रुपये कमाए हैं।
नार्थ हलके के एसडीओ और जेई से दो दिनों में मांगा रिकार्ड
निगम के एक्सईएन एवं नार्थ हलके के इंचार्ज रणधीर सिंह ने उत्तरी हलके में तैनात एसडीओ और जेई को चेतावनी पत्र जारी किया है। इन सभी को दो दिन में नार्थ विधानसभा क्षेत्र में आपरेशन एंड मेंटेनेंस डिपार्टमेंट से जुड़े पानी, सीवरेज, ट्यूबवेल, डिस्पोजल व अन्य कार्यों की फाइलें उपलब्ध करवाने के लिए कहा गया है। पत्र में कहा है कि नार्थ
क्षेत्र में जो भी काम चल रहे हैं, उनकी सूची उपलब्ध कराई जाए। एक्सईएन ने कहा कि जो सूची उन्हें एसडीओ और जेई उपलब्ध करवाएंगे, वही मान्य होगी। उसके अतिरिक्त अगर कोई काम सामने आता है तो उसे मंजूरी नहीं दी जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर दो दिन में रिकार्ड नहीं दिया तो वह सख्त कार्रवाई करेंगे।
यह मामला भी आउटसोर्स से जुड़े एसडीओ व जेई का
चर्चा यह है कि नार्थ विधानसभा क्षेत्र में एसडीओ और जेई ने एक्सईएन को विकास कार्यों से जुड़ी फाइलें उपलब्ध नहीं करवाई हैं। यहां भी मामला आउटसोर्स पर काम कर रहे एसडीओ और जूनियर इंजीनियर का ही है जो अपने सीनियर अधिकारियों की बात नहीं मान रहे हैं। बार-बार रिकार्ड मांगने के बावजूद एक्सईएन को फाइल उपलब्ध नहीं करवाई गई।






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