Tue, 03 Nov 2026
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आयोग का निर्देश, पूर्व एसएचओ भूषण कुमार को गिरफ्तार करें, देरी बर्दाश्त नहीं होगी पढ़ें पूरी खबर 

आयोग का निर्देश, पूर्व एसएचओ भूषण कुमार को गिरफ्तार करें, देरी बर्दाश्त नहीं होगी

पढ़ें पूरी खबर 

 

जालंधर (राजन) : जिले में फिल्लौर थाने के निलंबित एसएचओ भूषण कुमार के खिलाफ दर्ज मामले की जांच को लेकर पंजाब राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के चेयरमैन कंवरदीप सिंह ने शुक्रवार को एसएसपी देहाती हरविंदर सिंह विकं से मुलाकात की। बैठक के बाद उन्होंने पत्रकारों से कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और पुलिस की कार्रवाई में देरी स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने एसएसपी को निर्देश दिए कि एसएचओ भूषण कुमार की तुरंत गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।

चेयरमैन ने बताया कि वह पीड़ित परिवार से मिले और बच्ची के साथ हुई घटना की जानकारी ली। यह मामला बेहद संवेदनशील है और पुलिस की जिम्मेदारी थी कि वह त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई करती, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

उन्होंने कहा कि हमारे पास आए तथ्यों से यह स्पष्ट है कि थाना प्रभारी भूषण कुमार के खिलाफ गंभीर धाराएं लगाई जा चुकी हैं, जिनमें पोक्सो एक्ट की धाराएं भी शामिल हैं। चेयरमैन ने कहा कि थाने में ही पीड़िता के साथ हुई यह घटना पुलिस विभाग की छवि पर कलंक है। उन्होंने इस बात की कड़ी वि निंदा की कि जहां न्याय की उम्मीद रखते हैं, वहीं ऐसी वारदात हुई।

 

बाल सुरक्षा को लेकर पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल

चेयरमैन कंवरदीप सिंह ने कहा कि पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी सुरक्षा की होती है, लेकिन इस केस में पुलिस असफल रही। उन्होंने एसएसपी हरविंदर विर्क से साफ कह दिया कि भविष्य में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। चेयरमैन ने पत्रकारों को बताया कि एसएचओ भूषण के खिलाफ एफआइआर हो चुकी है और अब अगला कदम उसकी गिरफ्तारी का है। इसके लिए एसएसपी को तत्काल कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

 

पुलिस पर आरोप लगा बोले- कोई अधिकारी आरोपित को बचा रहा

चेयरमैन कंवरदीप सिंह ने पुलिस पर यह भी आरोप लगाया कि एसएचओ भूषण कुमार को अब तक गिरफ्तार न किया जाना इस बात का संकेत है कि उसे शेल्टर दिया जा रहा है। कोई न कोई अधिकारी इस आरोपित को बचाने में लगा है। चेयरमैन ने स्पष्ट किया कि अब देरी करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। सिर्फ एसएचओ ही नहीं, बल्कि वे सभी अधिकारी जो इस मामले की निगरानी कर रहे थे और फिर भी कार्रवाई में सुस्ती बरती गई, वे भी इसके लिए जिम्मेदार हैं।

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