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कालेज के दिनों में ही तय कर लिया था लक्ष्य
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जालंधर (राजन) : पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर आज न केवल पंजाब पुलिस की एक सशक्त अधिकारी हैं, बल्कि हर उस युवा के लिए प्रेरणा हैं जो अपने सपनों को साकार करने का हौसला रखता है। जब वह अपने अभलेज के दिनों को याद करती है, तो आंखों में एक चमक और दिल में वही पुरानी मिठास लौट आती है। पटियाला की रहने वाली धनप्रीत कौर ने वर्ष 1997 से 2000 तक गवर्नमेंट कालेज फार गर्ल्स पटियाला से बीए की पढ़ाई पूरी की। वह बताती हैं कि कालेज के दिन उनके जीवन का सबसे सुंदर और निर्णायक दौर था। इन्हीं तीन वर्षों में उन्होंने अपने भविष्य की दिशा तय की और आइपीएस अधिकारी बनने का सपना पूरा किया। आज जब धनप्रीत कौर जालंधर पुलिस कमिश्नरेट का नेतृत्व कर रही हैं तो उनका हर निर्णय व हर कदम उनके उन्हीं कालेज दिनों की जड़ों से जुड़ा है, जहां उन्होंने सीखा था कि अगर इरादा पक्का हो तो हर सपना हकीकत बन सकता है। उनकी कहानी आज के युवाओं को यह संदेश देती है कि सपनों की शुरुआत हमेशा छोटे कदमों से होती है, चाहे वह कदम कालेज की कैंटीन की ओर ही क्यों न जाता हो।
कालेज की कैंटीन आज भी याद आती है
धनप्रीत कौर मुस्कुराते हुए याद करती हैं कि हमारे कालेज कैंटीन की चाय और पकौड़े तो जैसे हमारी रोजमर्रा की ऊर्जा थे। दोस्तों के साथ बैठकर बंटा पीना (जिसे आज लेमन कहा जाता है) भी अच्छा लगता था। वहीं बैठकर हम दोस्त अपने-अपने सपनों की बातें करते थे। किसी को डाक्टर बनना था, किसी को प्रोफेसर और मैंने वहीं तय किया कि मुझे वर्दी पहननी है। धनप्रीत कहती हैं कि उन्हें बचपन से अनुशासन और सेवा की भावना अपने परिवार से मिली। उनके दादा जी सरदार सरवन सिंह भारतीय सेना में थे। उन्हें वर्दी में देखकर ही धनप्रीत के मन में भी वर्दी पहनने की चाह पैदा हुई। वहीं उनके पिता सरदार हरिंदर सिंह रंधावा और माता इंद्र कौर ने उन्हें हमेशा प्रोत्साहित किया कि वे बड़े सपने देखें और उन्हें पाने के लिए पूरी मेहनत करें।
पढ़ाई में रहीं हमेशा अव्वल
कालेज के दौरान न सिर्फ पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, बल्कि सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उनका कहना है कि कालेज का माहौल आत्मविश्वास बढ़ाने में बहुत मददगार साबित हुआ। कैटीन में दोस्तों के साथ लेमन ड्रिंक पीते हुए हम घंटों भविष्य की बातें करते थे। वही पल आज भी मेरे दिल में बसे है, उन्होंने मुस्कराते हुए कहा।
लक्ष्य पाने के लिए लगन से तैयारी की
आइपीएस धनप्रीत कौर बताती हैं कि कालेज के दिनों में ही अपने जीवन का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर लिया था, सिविल सर्विसेज में जाना और समाज में बदलाव लाना। इस लक्ष्य के लिए लगन से तैयारी की और अंतत अपने सपने को साकार किया। धनप्रीत कौर ने बताया कि उनके जीवन साथी आइपीएस मनदीप सिंह रंधावा 2006 बैच के अधिकारी है और वर्तमान में मिनिस्ट्री आफ शिपिंग में डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं, हमेशा उनके साथ खड़े रहे। उन्होंने कहा कि मनदीप हमेशा मेरा हौसला बढ़ाते रहे। हमने एक-दूसरे के करियर को कभी प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि प्रेरणा के रूप में देखा।






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