Wed, 05 Aug 2026
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बेकरार

 

तेरे बिना ये दिल बेकरार -सा है,
हर लम्हा बस तेरा इंतज़ार सा है।

नींद आती है, पर टूट जाती है,
सपनों में भी तुझसे मुलाक़ात अधूरी रह जाती है।

हवा का हर झोंका तेरी याद दिलाता है,
चाँद भी अब अधूरा-सा नज़र आता है।

दिल कहता है तू सामने हो,
पर किस्मत है कि तुझसे दूर लिये जाती है।

बस एक चाहत है..
तेरे ख्वाब हक़ीक़त में बदल जाएं ,
तेरे संग हर बेक़रारी, एक मधुर करार बन जाए।


कंचन "श्रुता"

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