पंजाब सरकार ने पुलिस स्टेशनों में ज़ब्त गाड़ियों की समस्या से निपटने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब थानों के अंदर और बाहर गाड़ियों का जो ढेर लगा रहता है, उसे कम करने के लिए एक नई नीति लागू की जाएगी। जिससे पुलिस स्टेशनों में जब्त की हुई गाड़ियां नहीं रहेंगी।
गाड़ी छुड़ाने के लिए दो मौके, फिर होगी नीलामी
पंजाब सरकार की नई नीति के तहत जब्त गाड़ियों के मालिकों को अपनी गाड़ी छुड़ाने के लिए दो अवसर दिए जाएंगे। अगर इन दो मौकों के बाद भी गाड़ी मालिक अपना वाहन वापस नहीं लेता है, तो पुलिस उसको नीलामी (Auction) के लिए भेज देगी।
लोक अदालत से मिलेगा सीधा रास्ता
इस प्रक्रिया को तेज़ करने के लिए पुलिस ऐसे मामलों को सीधे लोक अदालत में भेजेगी। इस व्यवस्था से वाहन मालिकों को बड़ा फायदा मिलेगा, क्योंकि वे कम जुर्माने में अपना गाड़ियां वापस पा सकेंगे। सबसे बड़ी बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया में उन्हें किसी वकील या बिचौलिये की ज़रूरत नहीं होगी।
क्यों बनाया गया यह नियम?
पंजाब सरकार के इस कदम के पीछे एक बड़ा कारण है। दरअसल अक्सर गाड़ी मालिक भारी जुर्माने के कारण अपनी गाड़ी नहीं छुड़वाते। कई बार जुर्माने की राशि इतनी ज़्यादा हो जाती है कि लोग उतने पैसों में दूसरी सेकंड-हैंड गाड़ी खरीद लेना बेहतर समझते हैं। इसी वजह से पंजाब के 424 पुलिस थानों में हज़ारों की संख्या में वाहन जमा हो गए हैं, जिससे थानों में जगह की कमी और गंदगी बढ़ती जा रही है। इस समस्या से निपटने और प्रक्रिया को तेज़ करने के लिए सरकार ने हर ज़िले में विशेष टीमें गठित करने का भी निर्णय लिया है।



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