Sat, 31 Oct 2026
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प्रधानमंत्री की Degree नहीं होगी सार्वजनिक हाईकोर्ट ने सूचना आयोग के आदेश को किया रद्द, क्यों पढ़ें पूरी खबर

प्रधानमंत्री की Degree नहीं होगी सार्वजनिक

हाईकोर्ट ने सूचना आयोग के आदेश को किया रद्द,क्यों 

पढ़ें पूरी खबर 

 

 

दिल्ली ( राजन) : दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को फैसला सुनाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ग्रेजुएशन डिग्री की जानकारी को सार्वजनिक करने के लिए दिल्ली यूनिवर्सिटी को मजबूर नहीं किया जा सकता। अदालत ने केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) द्वारा डिग्री जारी करने के आदेश को खारिज कर दिया।

गौरतलब है 2016 में, केंद्रीय सूचना आयोग ने कहा था कि 1978 में बीए परीक्षा पास करने वाले सभी छात्रों की जानकारी दी जाए। ऐसा माना जाता है कि प्रधानमंत्री मोदी ने भी इसी साल यह परीक्षा पास की थी। इस आदेश को दिल्ली विश्वविद्यालय ने अदालत में चुनौती दी थी। कोर्ट ने जनवरी 2017 में ही इस पर अंतरिम रोक लगा दी थी।

वहीं यूनिवर्सिटी की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि “निजता का अधिकार, जानने के अधिकार से ज्यादा महत्वपूर्ण है।” उन्होंने कहा कि डिग्री से जुड़ी जानकारी केवल जिज्ञासा के आधार पर नहीं दी जा सकती। यूनिवर्सिटी ने यह भी कहा कि वह कोर्ट को प्रधानमंत्री मोदी की डिग्री से संबंधित दस्तावेज दिखाने को तैयार है, लेकिन आरटीआई कानून के तहत आम लोगों को यह जानकारी नहीं दी जा सकती।

छात्रों की जानकारी को सुरक्षित रखना यूनिवर्सिटी का नैतिक दायित्व है। जनहित के बिना केवल किसी की जिज्ञासा के लिए निजी जानकारी नहीं दी जा सकती। यूनिवर्सिटी ने कहा कि “RTI कानून का मकसद जानकारियां देना है, लेकिन यह सिर्फ किसी की उत्सुकता शांत करने का जरिया नहीं बन सकता।” हाईकोर्ट ने कहा कि दिल्ली यूनिवर्सिटी पर यह जिम्मेदारी नहीं है कि वह प्रधानमंत्री की डिग्री सार्वजनिक करे। CIC का आदेश रद्द कर दिया गया।

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