Wed, 18 Mar 2026
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सतलुज का कहर: बॉर्डर के गांवों में बाढ़ के डर ने उड़ाई नींद, हर घर में जागे लोग पढ़ें पूरी खबर

सतलुज का कहर: बॉर्डर के गांवों में बाढ़ के डर ने उड़ाई नींद, हर घर में जागे लोग

पढ़ें पूरी खबर 

 

पंजाब सहित देश के कई राज्यों में लगातार हो रही तेज बरसात और हिमाचल, यूपी व बिहार में बादल फटने की हो रही घटनाओं से पोंगा डैम और भाखड़ा डैम का जल स्तर तेजी से बढ़ रहा है जिसके चलते डैंम की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पानी सतलुज दरिया में छोड़े जाने वाले पानी से फिरोजपुर में भी बाढ़ जैसे हालात बन चुके है। भारत-पाकिस्तान हुसैनी वाला सीमा से सटे सीमावर्ती गावों मे बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है बल्कि कुछ गांवों में तो सतलुज का पानी घुस गया है। गांव वालों की नींद पूरी तरह से उड़ चुकी है।


लोगों के दिलों में बाढ़ का डर इस कदर घर कर गया है की वह रात रात भर सोते नही है परिवार के एक से दो लोग सारी रात जाग कर ही काटते है क्योंकि दरिया के किनारे बसे गांव वालों को डर हैं कि कहीं वह सोते रह जाए और बाढ़ आ जाए। सतलुज दरिया भरा हु्आ है और यदि इसी रफ्तार से पानी का स्तर बढ़ता रहा तो कई जगह से बाध के पहले की तरह से टूटने का खतरा बना गया है। कुछ जगह से बाध टूट जाने से दरिया का पानी खेत मे भर गया है जिससे फसलों को भारी नुकसान हुआ है। पीड़ित किसानों की माने तो गांव ्बी तक दरिया क पानी के कारण करीब 3000 से भी अधिक जमीनों की फसले पानी में डूब चुकी है और यदि यह पानी जल्द ही नही निकला या निकाला गया तो फसल बर्बाद हो जाएगी।

वहीं यदि देखा जाए तो प्रशासन बार-बार ये दावा कर रहा है कि सब कुछ ठीक है और बाढ़ नहीं आएगी, क्योंकि किसी भी स्थित से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। इतनी ही नहीं सेहत विभाग की और से कई गावो में मेडिकल कैंप भी लगा दिए गए हैं, ये कैंप उन गांव में लगे है जहां पानी घुसने करने लगा है। वहीं दरिया के किनारे वाले समूह गांव के किसानों का कहना है कि प्रशासन के सभी दावे गलत हैं और वह सच सामने लाने से घबरा रहा हैं, क्योंकि यदि बाढ़ की रोकथाम के लिए सभी प्रबंध पहले से किए जाते तो आज किसी तरह का कोई डर नहीं रहता। फिलहाल हालात ये बने हुए हैं कि कभी भी बाढ़ आ सकती है और यदि ऐसा हुआ तो इस बार पहले से भी कहीं अधिक नुकसान होगा, क्योंकि पीछे से पानी छोड़ने से ही फिरोजपुर लगभग बाढ़ के किनारे पर पहुंच चुका है।


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