श्री गुरु रविदास जी की भव्य शोभायात्रा में सुखबीर बादल हुए शामिल, बोले-धार्मिक एकता ही पंजाब की ताकत
अमेरिका ने भारत पर पिछले दिनों रूसी तेल की खरीद पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया था। जिससे भारत पर कुल 50% तक टैरिफ हो गया। ट्रम्प ने इस अतिरिक्त टैरिफ के पीछे भारत की ओर से रूस से क्रूड ऑइल की हो रही खरीददारी को बताया। इस पर उन्होंने कहा था कि भारत को इस व्यापार के लिए पेनाल्टी देनी होगी। बीते दिन ट्रम्प और पुतिन की अलास्का में मुलाकात हुई, जो बेनतीजा रही। मीटिंग से पहले अमेरिकी प्रधानमंत्री डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और रूस को लेकर एक बड़ा दावा किया। इस दावे में उन्होंने कहा कि भारत के रूप में रूस ने अपना तेल का एक बड़ा ग्राहक खो दिया है।
एक चैनल को दिए इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा कि, रूस ने भारत के रूप में अपने तेल का बड़ा ग्राहक खो दिया है। रूस के तेल व्यापार का 40% हिस्सा भारत संभाल रहा था। यदि अब मैं सेकेंडरी प्रतिबंध लगा देता हूं तो यह उनके लिए विनाशकारी होगा। लेकिन अगर मुझे ऐसा करना पड़ा तो मैं करूंगा, और हो सकता है मुझे ऐसा करने की जरूरत ही न पड़े।
अलास्का में हुई मीटिंग को ट्रम्प ने पॉजिटिव बताया है। ट्रम्प ने इस महामुलाकत से पहले दोनों देशों के बीच हो रहे व्यापार को लेकर बड़ा बयान दे दिया। बता दें कि ट्रम्प के अतिरिक्त टैरिफ और धमकियों के बाद भी भारत ने अभी तक रूस से तेल व्यापार काम नहीं किया है। भारत जो तेल आयात करता है उसका लगभग 40% तेल अभी भी रूस से ही आ रहा है।
ट्रम्प ने मीटिंग से पहले धमकी दी थी की यदि मीटिंग बेनतीजा रहती है तो भारत पर अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा। मीटिंग में फिलहाल सहमति नहीं बन पाई है तो क्या अब भारत पर टैरिफ का अतिरिक्त भार पड़ने वाला है या ट्रम्प अगली मुलाक़ात का इंतजार करेंगे।






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