जालंधर में एक बार फिर से NITJ से स्टूडेंट ने फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। मृतक की पहचान 25 साल के रोहित चंदेल के रूप में हुई है जो हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर का रहने वाला था। यह पहला मौका नहीं है कि जब किसी स्टूडेंट ने अपनी जिंदगी खत्म कर ली हो। 5 महीने में यह दूसरी घटना है जब किसी स्टूडेंट ने अपनी जान दी हो।
परिवार के सदस्यों का का कहना है कि रोहित बीबीए में आई कई कंपार्टमेंट न टूटने के कारण डिप्रेशन में था। इसी डिप्रेशन के चलते उसने फंदा लगाकर अपनी जिंदगी खत्म कर ली। परिवार ने इस मामले पर कोई भी कार्रवाई नहीं करवाई है। शव पोस्टमार्टम के बाद उसके परिवार को सौंप दिया गया। मंगलवार को युवक का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
हैरानी की बात यह है कि रोहित के पिता एनआईटी में जॉब कर रहे हैं। जबकि 5 महीने पहले स्टूडेंट रजत के सुसाइड मामले में भी उसके पिता राजकुमार एनआईटीजे में प्रोफेसर हैं। रजत भी कुछ समय से मानसिक रूप से परेशान था। वह पटियाला की एक अकादमी में पढ़ता था। अकादमी प्रबंधकों का फोन आने पर प्रोफेसर बेटे को अपने पास ले आया था। उसकी डिप्रेशन की दवाई चल रही थी। इसी बीच उसने यह भयावह कदम उठा लिया था।



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