Wed, 18 Mar 2026
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माता श्री चिंतपूर्णी जी के श्रावण अष्टमी मेला आज से, फूलों से दुल्हन की तरह सजाया गया मंदिर पढ़ें पूरी खबर

माता श्री चिंतपूर्णी जी के श्रावण अष्टमी मेला आज से, फूलों से दुल्हन की तरह सजाया गया मंदिर

पढ़ें पूरी खबर 

 

उत्तर भारत के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में शुक्रवार से श्रावण अष्टमी मेले शुरू हो गए हैं। जिला एवं मंदिर प्रशासन द्वारा मेले की सभी तैयारियों के पुख्ता प्रबंधों का दावा किया गया है। मंदिर प्रशासन द्वारा समूचे मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे फूलों से दुल्हन की तरह सजाया गया है। यह मेला तीन अगस्त तक चलेगा। धार्मिक नगरी श्रद्धालुओं की आवभगत के लिए तैयार है। प्रशासन ने भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बेहतर प्रबंधों का दावा किया है। मेले में पंजाब सहित अन्य राज्यों से तीन से चार लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। चिंतपूर्णी में श्रद्धालुओं की टोलियां पहुंचनी शुरू हो गई हैं। चिंतपूर्णी से होशियारपुर तक 60 किमी क्षेत्र में लंगर के टेंट लग चुके हैं और श्रद्धालु होशियारपुर के चौहाल से पैदल मां के जयकारे लगाते पहुंच रहे हैं।

 

मां चिंतपूर्णी के पावन धाम में सावन अष्टमी मेले के दौरान आस्था कर्म बन जाती है और भक्ति सेवा का रूप ले लेती है। मां के दरबार में हजारों सेवादारों का ऐसा समर्पण दिखता है जिसकी मिसाल कहीं और नहीं मिलती। मेले में सेवा देने के लिए कोई भक्त करोड़ों का व्यवसाय छोड़कर आया है तो कोई बड़े सरकारी पद से अवकाश लेकर पहुंचा है। ये भक्त अगले दस दिन सिर्फ भक्तों की सेवा में रत रहेंगे। जूठे बर्तन साफ करेंगे, लंगर की रसोई में सब्जी काटेंगे और श्रद्धालुओं के चप्पल-जूते भी संभालेंगे। उद्देश्य सिर्फ भक्तों की सेवा। चिंतपूर्णी से होशियारपुर तक पई लंगर सज चुके हैं। श्रद्धालुओं के लिए टायर पंक्चर से लेकर हजामत तक की सुविधा निश्शुल्क होगी। कई भक्त लाखों रुपये अपनी जेब से खर्च करते हैं, लेकिन नाम जाहिर नहीं करते। उद्देश्य बुजुर्गों के संस्कार जीवित रखना और मां के प्रति समर्पण है।

 

मां चिंतपूर्णी के दरबार को रंग-बिरंगे सुंदर फूलों से सजाया गया है। गेंदा, रोज नीली, जवेरा, कारनेशन और लिली आदि फूलों से भवन का श्रृंगार किया गया है। 

 

मां के दर्शन बिना पर्ची, सिर्फ एक घंटा बंद रहेगा मंदिर

 

मंदिर अधिकारी अजय मंडयाल ने बताया कि मेले के दौरान मंदिर 23 घंटे खुला रहेगा। रात को एक घंटा मदिर के कपाट परिसर की सफाई के लिए बंद रखे जाएंगे। इस बार मां के दर्शन पर्ची के विना ही होगे। सुगम दर्शन पर्ची के लिए प्रति श्रद्धालु 500 रुपये की फीस रखी गई है। भरवाई, शंभू बाईपास और तलवाड़ा बाईपास में अस्थायी पुलिस वैरियर लगा दिए गए हैं। बड़े वाहनों को भरवाई से आगे जाने की अनुमति नहीं होगी। छोटे वाहनों को नए बस स्टैंड आगे जाने नहीं दिया जाएगा। मेले में यदि लंगर प्रबंधक गंदगी फैलाते है तो ऐसी संस्थाओं को भविष्य में ब्लैक लिस्ट कर दिया जाएगा।


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