औरेया में 3 बच्चों को नदी में डूबोकर मारने वाली मां को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। वहीं उसके प्रेमी देवर को उम्रकैद की सजा दी है। इस सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि जो मां अपने बच्चों को मार सकती है उसे समाज में जीने का हक नहीं है।
जज ने अपना फैसला सुनाते हुए लिखा कि ऐसी घटनाएं रिश्तों को शर्मसार करती हैं। महिला ने अपने चारों बच्चों को डुबाने की कोशिश की। हरेक बच्चे को डुबाने के बाद उसके मन में किसी तरह की कोई ममता नहीं जागी। जो उसे एहसास कराती कि वह ही इन बच्चों की जननी है।
जज ने आगे लिखा कि एक महिला अपने बच्चों के साथ ऐसा नहीं कर सकती है। लेकिन उसने बहुत ही शांति से अपना दिमाग से उद्देश्य को पूरा किया और एक के बाद एक अपने बच्चों को डुबो दिया। यह घटना समाज में डर पैदा करती है। इस घटना के बाद कोई कैसे दावे से कह सकता है कि एक बच्चा अपनी मां के पास सुरक्षित रहेगा। इसलिए कठोर दंड देना जरूरी, ताकि भविष्य में कोई ऐसा न सोचे।
दरअसल, पिछले साल 27 जून 2024 को आरोपी मां ने प्रेमी देवर के ताने से परेशान होकर 4 बच्चों को नदी में फेंक दिया था। जिसमें से 3 बच्चों की मौत हो गई थी, जबकि एक को गांव वालों ने बचा लिया था। जो बच्चा बचा था, उसने ही मां के खिलाफ कोर्ट में गवाही दी।



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