Zomato से खाना ऑर्डर करना हुआ महंगा, Cash on Delivery पर देने होंगे ज्यादा रुपए
क्यों?
मेरे हिस्से नहीं आए वो ख्वाब,
जो हर अंधेरी रात में रोशनी बन जाते,
जो ठहरी हुई हवा में भी गुनगुनाते ,
और उम्मीद की किरण दे जाते ।
क्यों?
वो राहें नहीं मिलीं,
जो सफ़र के लिए नहीं, मंज़िल के लिए जानी जाती ,
जो ठोकर खाने पर मुस्कुराना सिखाती ,
और रुकने पर हिम्मत का हाथ बढ़ाती।
क्यों?
शायद मैंने ख्वाबों से खुद को दूर कर लिया,
और उन्हें जीने की बजाय बस उन्हें सोचने में रह गया।
"श्रुता"
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