Fri, 01 May 2026
G2M देता है आप की कलम आपके हाथ Journalists are invited to Join us on Gateway2media.com G2M देता है आप की कलम आपके हाथ Journalists are invited to Join us on Gateway2media.com

"पूर्व सांसद सुशील रिंकू ने दिल्ली में परिनिर्वाण स्थल पर मत्था टेका, बाबा साहब अंबेडकर जी को दी श्रद्धांजलि"

अंबेडकर जी की अमूल्य शिक्षाएं तथा संविधान निर्माण में उनका अतुलनीय योगदान हमें सदैव प्रेरित करता रहेगा - रिंकू

बाबा साहब डॉ. अंबेडकर जी के अथक प्रयास पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे - रिंकू

 

G2M जालंधर/नई दिल्ली(विक्रांत मदान) 06 दिसंबर 2024 : पंजाब भाजपा के नेता और जालंधर के पूर्व सांसद सुशील रिंकू ने महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर को नमन किया। दिल्ली के अलीपुर में स्थित महापरिनिर्वाण स्थल पर पहुंचकर रिंकू ने बाबा साहब को नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

 

पूर्व सांसद सुशील रिंकू ने बाबा साहब को नमन करते हुए कहा कि यह वह स्थान है, जहां पर बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी ने जीवन के आखिर समय को व्यतीत की। इस पवित्र स्थान पर 6 दिसंबर को 5.40 बजे बाबा साहब जी की पवित्र आत्मा ने शरीर का त्याग किया था। 

 

सुशील रिंकू ने बाबा साहब के विचारों पर चर्चा करते हुए उन्हें आत्मसात करने की बात कही। उन्होंने कहा कि बाबा साहब की पुण्यतिथि पर उन्हें परिनिर्वाण दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अलीपुर (दिल्ली) में इस महान स्थल को महापरिनिर्वाण स्थल के रूप में विकसित किया।

 

डॉ. बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि पर सामाजिक न्याय और समानता के लिए उनके योगदान को याद करते हुए, सुशील रिंकू ने कहा कि बाबा साहब डॉ. अंबेडकर जी के अथक प्रयास पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे। समतामूलक समाज का उनका स्वप्न, उनकी अमूल्य शिक्षाएं तथा संविधान निर्माण में उनका अतुलनीय योगदान हमें सदैव प्रेरित करता रहेगा।

 

रिंकू ने कहा कि भारत में जब-जब संविधान और लोकतंत्र की बात होगी, बाबा साहेब डॉ भीमराव आंबेडकर का नाम तब तब प्रमुखता से लिया जाएगा। यही वजह है कि 6 दिसंबर का दिन भारतीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण तारीख के रूप में दर्ज है। इस दिन देश भर में महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में भीमराव आंबेडकर को श्रद्धांजलि दी जाती है। 

 

रिंकू ने कहा कि 1947 में भारत के स्वतंत्र होने के बाद, बाबा साहब आंबेडकर को संविधान सभा के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया। बाबा साहब ने भारत के संविधान का मसौदा तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका संविधान दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के लिए एक आधारशिला बना। इसमें सभी नागरिकों को समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार सुनिश्चित किया गया।


82

Share News

Comments

No comments yet.



Latest News

Number of Visitors - 155586