आम बजट से अलग हो रेल बजट, तभी रुकेंगी रेल दुर्घटनाएं: राजेश राठौड़*
*पटना. मंगलवार, 30 जुलाई, 2024* (विक्रांत मदान) : पिछले हफ्तों में दर्जनों रेल हादसों का मुख्य कारण रेलवे के उन्नयन को स्थापित रेल बजट का मोदी सरकार द्वारा आम बजट में मर्ज करना रहा है क्योंकि इस कारण रेलवे अपने विकास के लिए समुचित फंड नहीं प्राप्त कर पा रहा है और न ही खुलकर काम कर पा रहा है। ये बातें बिहार कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने कही। उन्होंने कहा कि देश के आम आदमी के लिए दूरस्थ क्षेत्रों में पहुंचने का सस्ता और सुगम व्यवस्था है भारतीय रेलवे लेकिन इस सरकार में इसे भी आम जनता से दूर करने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है। आज लगातार रेल दुर्घटनाएं हो रही हैं लेकिन मजाल है कि कोई रेल मंत्री इस्तीफा दे कर नैतिकता का प्रदर्शन करें।
बिहार कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने कहा कि देश के आम नागरिकों की रेल को भी महंगा कर दिया गया और सुविधाओं के नाम पर टिकट के दाम बढ़ा दिए गए लेकिन आज आम भारतीय जब ट्रेन पर चढ़ता है तो पूरा परिवार भयभीत रहता है कि क्या पता रेलवे की यह आखिरी यात्रा न साबित हो जाएं। केंद्रीय रेल बजट को समाप्त करके आम बजट में जब से रेलवे को डाला गया है तब से पूरी तौर पर रेलवे का विकास अवरूद्ध है और कोई रेल यात्रा सुरक्षित नहीं रहा। आज ट्रेन की रफ्तार उन्हीं पुरानी पटरियों पर बढ़ाने की कवायद की जा रही है और बिना नए कर्मचारियों के भर्ती के उन ट्रैक्स पर ट्रेन को अधिकतम गति पर चलाने का प्रयोग किया जा रहा है जो घोर निंदनीय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यदि सच में जनता के प्रति जिम्मेदारी है तो रेल मंत्री से इस्तीफा लेकर केंद्रीय बजट से रेलवे बजट को अलग करने का ऐलान करना चाहिए।
राजेश राठौड़
चेयरमैन, मीडिया विभाग,
बिहार कांग्रेस






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