Wed, 04 Nov 2026
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श्रीमद्भागवत गीता के अध्याय 9 में 16 वा श्लोक भगवान श्री कृष्ण यज्ञ की महिमा बताई : योगिराज रमेश

श्रीमद्भागवत गीता के अध्याय 9 में 16 वा श्लोक भगवान श्री कृष्ण यज्ञ की महिमा बता रहे हैं कि मैं ही सब कुछ हूं आज हर परिवार में यज्ञ होना चाहिए।

"अहं क्रतुरहं यज्ञः स्वधाऽहमहमौषधम्।मंत्रोऽहमहमेवाज्यमहमग्निरहं हुतम्।।"
 


  क्रतु मैं हूँ, यज्ञ मैं हूँ, स्वधा मैं हूँ, औषध मैं हूँ, मन्त्र मैं हूँ, घृत मैं हूँ, अग्नि मैं हूँ और हवनरूप क्रिया भी मैं हूँ। जाननेयोग्य पवित्र, ओंकार, ऋग्वेद, सामवेद और यजुर्वेद भी मैं ही हूँ। इस सम्पूर्ण जगत्का पिता, धाता, माता, पितामह, गति, भर्ता, प्रभु, साक्षी, निवास, आश्रय, सुहृद्, उत्पत्ति, प्रलय, स्थान, निधान तथा अविनाशी बीज भी मैं ही हूं।

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