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✍हाल ही में हुए 2024 के लोकसभा चुनावो में लोकसभा हलका जालंधर से उम्मीदवार चरणजीत सिंह चन्नी ने भारी मतों से रिकॉर्ड जीत दर्ज की, चन्नी ने लोक सभा हलका जालंधर के अंतर्गत आते 9 विधानसभा हलको में से 7 विधानसभा हलकों में लीड किया और 2 में बीजेपी आगे रही लेकिन अगर वैस्ट विधानसभा की बात करें तो कांग्रेस को वैस्ट से नाम मात्र ही लीड मिली, 1557 वोटो की लीड लेकर ही कांग्रेसी खुशी मना रहे हैं
✍वेस्ट में हो सकती थी बड़ी लीड अगर बाहर से आए कांग्रेसी समर्थक व महिला नेत्री ना करते अपनी मनमानी
✍बाहर से आए कांग्रेस समर्थकों ने फेरा जालंधर वैस्ट के कांग्रेसियों की दिन रात की कडी मेहनत पर पानी
सूत्रों के मुताबिक यह लीड बड़ी लीड हो सकती थी अगर चन्नी ने खरड़ से आये अपने (छोटे भाई व उनके साथिओं ) व लुधियाना से आई कांग्रेसी नेत्री की ड्यूटी वैस्ट विधानसभा क्षेत्र में कोर्डिनेनेशन कमेटी के साथ ना लगाई होती उन्होंने चुनाव प्रचार दौरान शुरू शुरू में तो वैस्ट विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को जोड़ने का काम किया लेकिन जैसे-जैसे चुनाव प्रचार आगे बढ़ा तो चन्नी के भाई व उनके साथ आये उनके साथिओं का व लुधियाना से आई कांग्रेसी नेत्री का जिद्दी व अड़ियल रवैया वेस्ट के चुनाव प्रचार में बाधा बनने लगा, जो कि वैस्ट विधानसभा हल्के में चन्नी की लीड घटने का सबसे बड़ा कारण था! यहाँ तक की उनके द्वारा पार्षद व कार्यकर्ताओं को वगार तक डाली जाने लगी,
हद तो तब हो गई जब लुधियाना से आई कांग्रेसी नेत्री अपने आप को जालंधर वेस्ट का इंचार्ज बताने लगी गौरतलब है की वेस्ट विधानसभा में कांग्रेस का कोई हलका इंचार्ज ना होने के कारण चन्नी द्वारा वेस्ट हलके की 23 सदस्यीय एक कोआर्डिनेशन कमेटी बनाई थी जिसमे हर वार्ड से मौजूदा कांग्रेसी पार्षदों के इलावा वार्ड प्रधान व दिग्गज कांग्रेसी कार्यकर्ता शामिल थे मिली जानकारी के अनुसार चन्नी के छोटे भाई व उनके साथिओं व महिला कांग्रेसी नेत्री ने वेस्ट के मौजूदा कांग्रेसी पार्षदों व दिग्गज कांग्रेसिओं की एक नहीं मानी और वैस्ट कोर्डिनेशन कमेटी को पूरी तरह नजर अंदाज़ किया और उनको चुनावी सामग्री भी अंतिम समय पर पहुंचाई गई व कही तों बिलकुल भी नहीं पहुंचाई गई जिससे डोर टू डोर प्रचार भी वेस्ट विधानसभा क्षेत्र में नाम मात्र ही हो सका, यहाँ तक की बूथों की लिस्टें व थैले भी चुनाव से 1 रात पहले दिए गए, जालंधर से बाहर का होने के कारण उनकी सेटिंग वैस्ट के कांग्रेसियों के साथ नहीं जमी व उन्होंने अपनी मनमर्जी से ही हर वार्ड प्रचार किया व पार्षदो को विश्वास में लिए बिना ही सालों से पार्षदों व कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के विरोधियों को भी संपर्क करना शुरू कर दिया जिससे वेस्ट विधानसभा क्षेत्र के हर वार्ड में पार्षदों, वार्ड प्रधानों व दिग्गज कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में चन्नी के छोटे भाई व खरड़ से आये उनके साथिओं व लुधियाना से आई कोंग्रेसी नेत्री जो अपने आप को जालंधर वेस्ट का इंचार्ज बताती थी के प्रति खासी नाराजगी होने लगी, इस तरह जालंधर के बाहर से आए इन लोगों ने जालंधर वेस्ट के पार्षदों व कांग्रेस कार्यकर्ताओं की दिन रात की हुई कड़ी मेहनत पर पूरी तरह से पानी फेर दिया अपनी सुनवाई न होने पर इनसे नाराजगी के चलते कुछ कांग्रेसी पार्षदो और दिग्गज कांग्रेसिओ ने तों कांग्रेड छोड़ दूसरी पार्टी ज्वाइन कर ली व कुछ कांग्रेसीओ व ओहदेदारों ने घर बैठना ही अच्छा समझा, अब देखना यह है कि जालंधर वेस्ट विधानसभा का उपचुनाव में चन्नी क्या फिर इनको हल्के की चुनाव प्रचार की कमान देते हैं या वैस्ट विधानसभा हलके के कांग्रेसियों की मेहनत पर ही भरोसा किया जाएगा






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