Wed, 04 Nov 2026
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जब सीएम की बात सीएस नहीं सुनते,तो उनकी बात कौन सुनेगा-राजेश राठौड़

जब सीएम की बात सीएस नहीं सुनते,तो उनकी बात कौन सुनेगा-राजेश राठौड़ 


जब मुख्यमंत्री की बात मुख्य सचिव नहीं मानते,तब उनकी बात भला आला अधिकारी क्या सुनेंगे-राजेश राठौड़ 


पटना।बिहार प्रदेश कांग्रेस मीडिया कमेटी के अध्यक्ष राजेश राठौड़ ने प्रदेश के मुख्य सचिव के फरमान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए बयान जारी किया है कि जिस राज्य में मुख्यमंत्री के निर्देश को वरीय अधिकारी नहीं मानते,वहां भला मुख्य सचिव के निर्देश का क्या हस्र होगा? उन्होंने कहा कि बिहार के मुख्य सचिव ने फरमान जारी किया है कि प्रदेश के सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव,प्रधान सचिव तथा विभागीय सचिव सुबह 9:30 बजे तक कार्यालय पहुंचे।उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव को स्मरण होना चाहिए कि करीब एक दशक पूर्व राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने निर्देश जारी किया था कि राज्य के तमाम प्रमंडलीय आयुक्त,जिलाधिकारी सप्ताह में एक रात अपने क्षेत्र के किसी गांव में गुजारेंगे। उस वक्त वर्तमान मुख्य सचिव भी किसी न किसी प्रमंडल के प्रमंडलीय आयुक्त रहे होंगे।क्या वे बता सकते हैं कि किस सप्ताह किस गांव में उन्होंने रात गुजारी?उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश के बावजूद प्रदेश के वरिष्ठ नौकरशाहों ने कभी भी उसका पालन नहीं किया।जब राज्य के नौकरशाह प्रदेश के मुख्यमंत्री के निर्देश का पालन नहीं करेंगे।तो भला वे कैसे यह सोच सकते हैं की मुख्य सचिव के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी सहित तमाम विभागीय सचिव अनुपालन करेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश का पूर्ण रूप से अनुपालन हो।यह मुख्य सचिव सुनिश्चित करते हैं।क्या मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री के निर्देश के स्पष्ट अनुपालन के लिए समीक्षा बैठक की थी।उन्होंने कहा कि जब मुख्य सचिव ही मुख्यमंत्री के निर्देश को पालन नहीं करते हैं।तो भला उनके फरमान का पालन अन्य आईएएस अधिकारी कैसे करेंगे?

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