ਜੈਸਮੀਨ ਨਰੂਲਾ ਨੇ ਅਪਣੇ ਸਾਥੀਆਂ ਨਾਲ ਵਿਆਸ ਨਦੀ ਵਿੱਚ ਕੀਤਾ ਗਣਪਤੀ ਵਿਸਰਜਨ ।
इक और दरिया का सामना था 'मुनीर' मुझ को
मैं एक दरिया के पार उतरा तो मैं ने देखा
मुनीर नियाज़ी
ठोकर भी राह-ए-इश्क़ में खानी ज़रूर है
चलता नहीं हूँ राह को हमवार देख कर
दाग़ देहलवी
हमारी तरफ़ अब वो कम देखते हैं
वो नज़रें नहीं जिन को हम देखते हैं
दाग़ देहलवी
अपनी ही तेग़-ए-अदा से आप घायल हो गया
चाँद ने पानी में देखा और पागल हो गया
मुनीर नियाज़ी





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