ट्रंप को सुप्रीम कोर्ट से झटका, जन्म के आधार पर नागरिकता का अधिकार बरकरार
जालंधर में ट्रैफिक पुलिस पर एक बार फिर गंभीर सवाल उठे हैं। शहर की पूर्व महिला अध्यक्ष और मानवाधिकार कार्यकर्ता आरती ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी को ट्रक चालक से कथित तौर पर 100 रुपये की रिश्वत लेते हुए दिखाया गया है। यह मामला शहर की मुख्य सब्जी मंडी के पास का है, जहाँ 'नो-एंट्री' क्षेत्र में ट्रकों को शहर के भीतर प्रवेश करने की अनुमति देने के बदले में अवैध वसूली किए जाने का आरोप है।
मौके पर की गई पूछताछ
वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी स्थल पर तैनात होने के बजाय गाड़ी में बैठा हुआ है। आरती और उनकी टीम ने जब मौके पर पहुंचकर पुलिसकर्मी को घेरा, तो उन्होंने ट्रक चालक से पूछताछ की। चालक ने भी कैमरे के सामने स्वीकार किया कि उसने पुलिसकर्मी को 100 रुपये दिए थे।
इसके बाद आरती और संबंधित पुलिसकर्मी के बीच तीखी बहस भी हुई। कार्यकर्ता ने जब सवाल किया कि बिना बैरिकेड के ट्रकों को क्यों रोका जा रहा है और गाड़ी में बैठकर ड्यूटी किस प्रकार की जा रही है, तो पुलिसकर्मी के पास कोई ठोस जवाब नहीं था और उसकी सफाई को लेकर भी सवाल खड़े किए गए।
अवैध वसूली और जाम का सिलसिला
मानवाधिकार कार्यकर्ता आरती ने आरोप लगाया कि पिछले कई दिनों से उन्हें इस इलाके में अवैध वसूली और बार-बार लगने वाले ट्रैफिक जाम की शिकायतें मिल रही थीं। उन्होंने दावा किया कि इलाके में जानबूझकर नाके या बैरिकेड नहीं लगाए जाते, ताकि ट्रकों से पैसे लेकर उन्हें अनधिकृत रूप से 'नो-एंट्री' जोन में प्रवेश करने दिया जाए। इस घटना ने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था की पारदर्शिता पर बड़े प्रश्नचिन्ह लगा दिए हैं। फिलहाल, इस पूरे प्रकरण पर पुलिस विभाग की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जिसके चलते आम जनता में भारी आक्रोश है।
Comments
No comments yet.