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देश में कैंसर का इलाज करा रहे मरीजों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) के फैसले के बाद कैंसर की 543 दवा ब्रांडों और पैक की कीमतों में बदलाव किया गया है। इनमें से 397 दवाओं के दाम घटाए गए हैं, जो कुल संख्या का करीब 73% है। कुछ दवाओं की कीमतों में 90% से ज्यादा की कटौती की गई है। नई कीमतें 9 नवंबर से लागू होंगी।
217 दवाओं के दाम आधे से भी कम हुए
नई कीमतों के अनुसार, कैंसर की 217 दवाओं की कीमतें पहले के मुकाबले आधे से भी कम रह गई हैं। वहीं, 97 ब्रांड की दवाओं के दाम में 70% से ज्यादा की कटौती की गई है। इसके अलावा 50 ब्रांड की दवाओं की कीमतें 80% से अधिक घटाई गई हैं, जबकि पांच दवाओं के दाम में 90% से ज्यादा की कमी हुई है।
इस बदलाव से कैंसर के इलाज पर होने वाला खर्च कम होने की उम्मीद है। हालांकि, मरीजों को मिलने वाली वास्तविक राहत इस बात पर निर्भर करेगी कि वे कौन-सी दवा इस्तेमाल कर रहे हैं और उनके इलाज में कितनी मात्रा की जरूरत पड़ती है।
एक इंजेक्शन की कीमत 80 हजार से घटकर 7,150
कीमतों में सबसे बड़ी कटौती के उदाहरणों में सैमटेपा इंजेक्शन शामिल है। इसकी कीमत 80,071 से घटाकर 7,150 कर दी गई है। इस तरह इसकी कीमत में करीब 91% की कमी हुई है। वहीं, पैलबोप्रो दवा के 21 कैप्सूल वाले पैक की कीमत 40,421 से घटकर 2,720 रह गई है। यह करीब 93% की कटौती है। इन बदलावों से संबंधित दवाओं का इस्तेमाल करने वाले मरीजों को काफी आर्थिक राहत मिल सकती है।
सुप्रीम कोर्ट के सवाल के बाद दवाओं की कीमतों पर कार्रवाई
कैंसर की दवाओं की कीमतों को लेकर यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को NPPA से सवाल किया था कि दवाओं के बढ़ते दामों पर नियंत्रण क्यों नहीं किया जा रहा है। इसके बाद दवा कंपनियों की ओर से नई कीमतें जारी की गई हैं।
सरकार ने 137 एंटी-कैंसर दवाओं के ट्रेड मार्जिन को अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) के 30% तक सीमित किया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य दवाओं की कीमतों पर नियंत्रण रखना और मरीजों को महंगे इलाज के आर्थिक बोझ से राहत देना है।
146 दवाओं के ब्रांड और पैक की कीमतें नहीं बदलीं
हालांकि, सभी दवाओं के दाम कम नहीं किए गए हैं। कुल 543 ब्रांडों और पैक में से 146 की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। बाकी दवाओं की कीमतों में कटौती की गई है। नई दरें 9 नवंबर से लागू होने के बाद मरीजों को संबंधित दवाएं संशोधित कीमतों पर मिलनी चाहिए। दवा खरीदते समय मरीज और उनके परिजन पैक पर दर्ज MRP जरूर जांचें।





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