चंडीगढ़ में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एसआईआर (SIR) के विरोध में राज्य चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान माहौल इतना गरमा गया कि पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई और अंततः पुलिस ने आप के कई दिग्गज नेताओं को हिरासत में ले लिया।
दिग्गज नेताओं पर पुलिस की कार्रवाई: मनीष सिसोदिया और मंत्री भी हुए डिटेन
प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय बेकाबू हो गई जब पुलिस ने आम आदमी पार्टी के प्रमुख नेताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया। विरोध प्रदर्शन की इस आग में 'आप' के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया, कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा और मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां समेत सैकड़ों नेता और कार्यकर्ता शामिल थे। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए इन सभी को हिरासत में ले लिया, जिसके बाद वहां सियासी सरगर्मी और ज्यादा तेज हो गई।
"मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार दें इस्तीफा" -आप नेताओं का हमला
प्रदर्शनकारियों ने रोष मार्च निकालते हुए सीधे तौर पर चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। आप नेताओं का कहना था कि लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की पुरजोर मांग उठाई गई। नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग का रवैया पक्षपातपूर्ण है, जिसे पार्टी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।
बैरिकेड्स पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों की भिड़ंत
जैसे ही 'आप' का रोष मार्च राज्य चुनाव आयोग के कार्यालय का घेराव करने के लिए आगे बढ़ा, तो पुलिस पहले से ही पूरी तैयारी के साथ मुस्तैद बैठी थी। रास्ते में भारी बैरिकेडिंग करके पुलिस ने रास्ता पूरी तरह सील कर दिया था। जब प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स लांघकर आगे बढ़ने की कोशिश की, तो पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। देखते ही देखते पूरा इलाका छावनी में तब्दील हो गया और पुलिस ने बल प्रयोग कर स्थिति को नियंत्रित करते हुए नेताओं को हिरासत में ले लिया।





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