जालंधर में चोरों के हौसले बुलंद, 10 दिन में 6 वारदात; पीड़ित बोले- ‘पुलिस सिर्फ आश्वासन दे रही’
तहसीलदार के रीडर पर प्रकरण लंबित रखने और पैसे मांगने का आरोप, शिकायतकर्ता को तहसील कार्यालय से बाहर निकालने तथा एससी-एसटी एक्ट सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कराने का
भोपाल (सुरेन्द्र दुबे) मध्य प्रदेश के सीधी। जिले की चुरहट तहसील में राजस्व कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। भाजपा विधि प्रकोष्ठ जिला संयोजक सीधी अधिवक्ता अनुज पाण्डेय ने रीवा संभागायुक्त को शिकायत पत्र भेजकर चुरहट तहसीलदार पर पदीय दायित्व के कथित दुरुपयोग, आम लोगों पर दबाव बनाने तथा जायज कार्यों को लंबित रखने के आरोप लगाए हैं। शिकायत में पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई है।
शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि चुरहट तहसील में पदीय दायित्व का दुरुपयोग करते हुए आम लोगों से विशेष मांग पूरी करने के लिए दबाव बनाया जाता है। मांग पूरी नहीं होने पर उनके जायज कार्यों को भी नाजायज ठहराने अथवा लंबित रखने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि संबंधित अधिकारी के समक्ष अपनी बात रखने पर लोगों को झूठे मुकदमों में फंसाने जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है।
संतमुनी शर्मा के प्रकरण का उल्लेख
शिकायत पत्र में ग्राम नकबेल, तहसील चुरहट निवासी संतमुनी शर्मा के न्यायालयीन प्रकरण का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है। पत्र के अनुसार, संतमुनी शर्मा का प्रकरण मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता की धारा 115 के तहत त्रुटि सुधार के लिए उपखंड अधिकारी चुरहट के न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था।
प्रकरण में जांच एवं प्रतिवेदन के लिए इसे तहसीलदार चुरहट को भेजा गया था। शिकायत के अनुसार, मामले में हल्का पटवारी से जांच कराई गई और जांच प्रतिवेदन तैयार किया गया। आरोप है कि प्रतिवेदन तहसील न्यायालय में आने के बाद भी उसे उपखंड अधिकारी के न्यायालय में नहीं भेजा गया।
इसके कारण आवेदक को कथित तौर पर बार-बार तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने पड़े। शिकायतकर्ता के अनुसार, वह प्रतिवेदन भेजने के लिए लगातार अनुरोध करता रहा, लेकिन प्रकरण लंबित रखा गया।
तहसीलदार के रीडर पर पैसे मांगने का आरोप
शिकायत में तहसीलदार के रीडर पर प्रकरण को लंबित रखने और पैसे की मांग करने का आरोप लगाया गया है। पत्र के मुताबिक, इस संबंध में आवेदक ने तहसीलदार से मौखिक रूप से शिकायत करते हुए जांच प्रतिवेदन आगे भेजने का अनुरोध किया लेकिन तहसीलदार मेडम भड़क गई और फरियादी के ऊपर एफ आई आर करवा दी तहसील कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे की
उच्च स्तरीय जांच कर कमिश्नर रीवा जिला कलेक्टर सीधी पुलिस अधीक्षक सीधी एक बेगुनाह को न्याय दिलाने का पहल करेंगे क्या?
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