Thu, 22 Oct 2026
G2M देता है आप कीं क़लम आप के हाथ । G2M देता है आप को स्वतंत्र पत्रकारिता का सुनहरा मौक़ा, बह भी विना किसी शुल्क के। G2M देता है आप कीं क़लम आप के हाथ । G2M देता है आप को स्वतंत्र पत्रकारिता का सुनहरा मौक़ा, बह भी विना किसी शुल्क के।
Post Details

नेपाल में बाढ़-लैंडस्लाइड का कहर जारी, 1344 मौतें; 275 भारतीयों का अब तक पता नहीं

नेपाल में बाढ़ और लैंडस्लाइड का कहर जारी है। दार्चुला जिले में शुक्रवार को भारी भूस्खलन के बाद चौलानी नदी का रास्ता बंद हो गया, जिससे निचले इलाकों में खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने नदी के आसपास रहने वाले लोगों के लिए अलर्ट जारी किया है।

चौलानी नदी का प्रवाह प्रभावित, निचले इलाकों में बढ़ा खतरा

नेपाल के दार्चुला जिले में शुक्रवार को भारी भूस्खलन के बाद चौलानी नदी का रास्ता बंद हो गया। भूस्खलन के कारण नदी का सामान्य प्रवाह प्रभावित हुआ है। इससे आसपास के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन की ओर से एहतियात के तौर पर लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

26 अगस्त की बाढ़ के बाद लगातार राहत-बचाव अभियान

नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ और लैंडस्लाइड के बाद से राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। त्रिशूली बाजार इलाके में रेस्क्यू टीमों ने 5 साल के बच्चे समेत तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को बताया कि नेपाल में अब तक 169 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जबकि 275 भारतीय अभी भी लापता हैं। भारतीय नागरिकों की तलाश और उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए राहत एजेंसियां लगातार अभियान चला रही हैं।

नेपाल में 1344 लोगों की मौत, 12 हजार से ज्यादा सुरक्षित

नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। अब तक करीब 1344 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। राहत और बचाव दलों ने करीब 12 हजार लोगों को सुरक्षित निकाला है। वहीं, 5300 से ज्यादा लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।

सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, बाढ़ से नेपाल में 32 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। कई इलाकों में सड़कें और संपर्क मार्ग प्रभावित होने के कारण राहत एवं बचाव अभियान में भी मुश्किलें आ रही हैं।

लगातार बिगड़ रहे हालात

भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के कारण नेपाल के कई हिस्सों में खतरा बना हुआ है। चौलानी नदी का रास्ता बंद होने की घटना ने निचले इलाकों की चिंता और बढ़ा दी है। प्रशासन की नजर नदी के जलस्तर और आसपास के संवेदनशील इलाकों पर बनी हुई है।

Comments

No comments yet.



Latest News

Number of Visitors - 234626

Share this Post