ਜਲੰਧਰ ਕੈਂਟ ਦੀ ਮੀਟਿੰਗ ਦੌਰਾਨ ਮਹਿਲਾ ਵਰਕਰਾਂ ਨੂੰ ਸੌਂਪੀਆਂ ਅਹਿਮ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰੀਆਂ।
पंजाब सरकार और सरकारी कर्मचारियों के बीच चल रहा विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। 27 अगस्त को हुई कर्मचारियों की हड़ताल के बाद अब सरकार की ओर से कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर बिना मंजूरी या सूचना के ड्यूटी से गैरहाजिर रहने वाले कर्मचारियों की सूची तैयार की गई थी। अब सूत्रों के मुताबिक करीब ढाई हजार कर्मचारियों की लिस्ट तैयार हो चुकी है।
कर्मचारियों पर हो सकती है कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, सरकार इन कर्मचारियों के खिलाफ सर्विस रूल्स के तहत कार्रवाई कर सकती है। इसमें सस्पेंशन, फोर्स लीव पर भेजना, वेतन में कटौती या नियमों के मुताबिक अन्य विभागीय कार्रवाई शामिल हो सकती है। हालांकि, सरकार की कार्रवाई को लेकर अभी कोई आधिकारिक आदेश सामने नहीं आया है। कर्मचारियों का पक्ष भी इस पूरे विवाद में काफी सख्त नजर आ रहा है।
कर्मचारियों ने CM मान के खिलाफ खोला मोर्चा
सरकार के खिलाफ कर्मचारियों ने भी अपना विरोध तेज कर दिया है। कर्मचारी संगठनों की ओर से मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ डिजिटल स्ट्राइक शुरू करने की अपील की जा रही है। इसके तहत कर्मचारियों से मुख्यमंत्री को फेसबुक, एक्स और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अनफॉलो करने के लिए कहा गया है।
लुधियाना में होगी कर्मचारियों की अहम बैठक
इस पूरे विवाद को लेकर कर्मचारियों की लुधियाना में बैठक भी रखी गई है। बैठक में सरकार की संभावित कार्रवाई और आगे की रणनीति को लेकर चर्चा होने की संभावना है। कर्मचारी संगठनों की ओर से सरकार पर दबाव बनाने के लिए आगे भी विरोध तेज करने की रणनीति तैयार की जा सकती है।
27 अगस्त की हड़ताल के बाद सरकार और कर्मचारियों के बीच टकराव अब आमने-सामने की स्थिति में पहुंचता दिखाई दे रहा है। एक तरफ सरकार गैरहाजिर कर्मचारियों पर कार्रवाई की तैयारी में है, वहीं कर्मचारी संगठन भी अपने आंदोलन को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं।





Comments
No comments yet.