आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक पठान माजरा को जमानत मिल गई है और वे बठिंडा जेल से रिहा हो गए हैं। उनके जेल से बाहर आते ही उनके समर्थकों में भारी उत्साह और खुशी का माहौल देखा गया। रिहाई के तुरंत बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत की और अपनी बेगुनाही पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज आखिरकार सच्चाई की जीत हुई है और न्याय मिला है।
अपनी ही सरकार पर लगाए झूठे केस में फंसाने के आरोप
विधायक पठान माजरा ने दावा किया कि पंजाब सरकार और दिल्ली के कुछ लोगों ने मिलकर उन्हें पूरी तरह से गलत तरीके से मुकदमों में फंसाया है। उन्होंने बताया कि उनके खिलाफ दर्ज किए गए सभी मामले बेबुनियाद हैं। माजरा ने विशेष रूप से माइनिंग (खनन) से जुड़े मामले का जिक्र करते हुए कहा कि इस मामले में प्रशासन को उनके खिलाफ कोई भी गवाह तक नहीं मिला है। उन्हें लगभग एक साल तक बिना किसी ठोस सबूत के जेल की सलाखों के पीछे रखा गया। उन्होंने निराशा जताते हुए कहा कि अगर पार्टी को उन पर कोई भी शक था, तो उन्हें सीधे बुलाकर आमने-सामने बात करनी चाहिए थी।
हलके के विकास के लिए नहीं मिला फंड
अपने विधानसभा क्षेत्र की अनदेखी पर भी पठान माजरा ने खुलकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि वे हमेशा से अपने हलके के विकास और जनता की भलाई के लिए आवाज उठाते रहे हैं। हालांकि, सरकार की तरफ से उन्हें विकास कार्यों के लिए जरूरी फंड ही जारी नहीं किया गया। फंड की इसी कमी के कारण वे अपने क्षेत्र का उस स्तर पर विकास नहीं करवा सके, जिसकी वहां की जनता हकदार है।
गुरु घर में टेकेंगे माथा, फिर तय करेंगे आगे की रणनीति
अपनी ईमानदारी और बेदाग छवि का हवाला देते हुए माजरा ने कहा कि आज भी कई अन्य राजनीतिक पार्टियां उनसे लगातार संपर्क कर रही हैं। हालांकि, अपने अगले कदम को लेकर उन्होंने कहा कि वे कोई भी फैसला जल्दबाजी में नहीं लेंगे। विधायक ने बताया कि जेल से छूटने के बाद वे सबसे पहले गुरु घर जाकर नतमस्तक होंगे और वाहेगुरु का आशीर्वाद लेंगे। इसके बाद ही वे अपने समर्थकों के साथ बैठकर अपने भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर विचार करेंगे।

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