पंजाब के नगर निगम और स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों में आम आदमी पार्टी ने सबसे मजबूत प्रदर्शन करते हुए खुद को राज्य की सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत के रूप में स्थापित किया है। 8 नगर निगमों सहित 104 स्थानीय निकायों के 1977 वार्डों में हुए चुनावों में AAP ने 900 से अधिक वार्डों में जीत दर्ज की और अन्य सभी दलों को पीछे छोड़ दिया।
कांग्रेस दूसरे स्थान पर, कपूरथला निगम में बहुमत
चुनाव परिणामों में कांग्रेस दूसरे स्थान पर रही। पार्टी करीब 400 वार्डों में जीत दर्ज करने में सफल रही। हालांकि राज्यभर में AAP का दबदबा रहा, लेकिन कपूरथला नगर निगम में कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्पष्ट बहुमत हासिल किया, जिससे पार्टी को कुछ राहत मिली।
अकाली दल का कमजोर प्रदर्शन
शिरोमणि अकाली दल इस चुनाव में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सका। पार्टी करीब 200 वार्डों में जीत हासिल करने में सफल रही, लेकिन अधिकांश स्थानों पर मुकाबले में प्रभावी चुनौती पेश नहीं कर पाई। चुनावी नतीजों ने राज्य में अकाली दल की कमजोर होती पकड़ को भी उजागर किया।
भाजपा को मिला बढ़त का संकेत
भारतीय जनता पार्टी के लिए इन चुनावों से कुछ सकारात्मक संकेत भी सामने आए हैं। वर्ष 2021 के निकाय चुनावों में जहां भाजपा को केवल 38 वार्डों में जीत मिली थी, वहीं इस बार पार्टी ने करीब 170 वार्डों में जीत दर्ज कर अपना प्रदर्शन बेहतर किया है। इसके अलावा अबोहर नगर निगम में भाजपा बहुमत हासिल करने में भी सफल रही, जिसे पार्टी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
नगर निगमों में AAP का दबदबा
8 नगर निगमों में से मोहाली, बठिंडा, बटाला, मोगा और बरनाला नगर निगमों में AAP ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया। वहीं पठानकोट नगर निगम में किसी भी दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिला। कपूरथला में कांग्रेस और अबोहर में भाजपा ने बहुमत के साथ अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।

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