Thu, 22 Oct 2026
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9 दिन में तीन बार बढ़े दाम, फिर महंगे हो सकते हैं पेट्रोल और डीजल

कारण

भारत पेट्रोलियम (BPCL) के डायरेक्टर राज कुमार दुबे ने ईंधन की कीमतों को लेकर एक चिंताजनक बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि मौजूदा वैश्विक ऊर्जा संकट इसी तरह बरकरार रहता है, तो देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक और बड़ी बढ़ोतरी होना पूरी तरह से तय है। इस बयान ने आम आदमी की चिंताओं को और बढ़ा दिया है।

9 दिनों के भीतर तीन बार बढ़े दाम

देश में पेट्रोल और डीजल के दामों में हाल के दिनों में तेजी से इजाफा हुआ है। आंकड़ों पर गौर करें तो महज 9 दिन के भीतर तीन बार कीमतें बढ़ाई जा चुकी हैं। कल 23 मई और उससे पहले 19 मई को ईंधन के दामों में औसतन 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। इस सिलसिले की शुरुआत 15 मई को हुई थी, जब कीमतों में सीधे 3 रुपये का भारी उछाल देखने को मिला था।

अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल का उतार-चढ़ाव

ईंधन की कीमतों में लगातार हो रही इस वृद्धि के पीछे अंतरराष्ट्रीय कारण जिम्मेदार हैं। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध और तनाव की वजह से कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) के बाजार में भारी उतार-चढ़ाव बना हुआ है। इस अस्थिरता ने अर्थव्यवस्था के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। हालात ऐसे बन गए हैं कि इस वैश्विक संकट से निपटने के लिए अब नीति निर्माताओं के पास बेहद सीमित विकल्प ही बचे हैं।

अस्थायी नहीं है यह ऊर्जा संकट

शुरुआती दौर में जब वैश्विक स्तर पर ऊर्जा की कीमतों में 20% से 50% तक की भारी बढ़ोतरी हुई थी, तब इसे एक अस्थायी स्थिति माना जा रहा था। जानकारों को उम्मीद थी कि जल्द ही बाजार स्थिर हो जाएगा। लेकिन अब जिस तेजी से भू-राजनीतिक परिस्थितियां और वैश्विक हालात बदल रहे हैं, उसे देखकर यह स्पष्ट हो गया है कि यह ऊर्जा संकट लंबा खिंचने वाला है और इसका सीधा बोझ आम जनता की जेब पर पड़ने वाला है।

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