विश्लेषण: कॉकरोच जनता पार्टी', आक्रोश का डिजिटल व्यंग्य या कोई सोची-समझी साजिश?
अमृतसर देहाती के मजीठा इलाके से एक बेहद सनसनीखेज खबर सामने आई है। यहाँ पंजाब पुलिस में तैनात एक एएसआई (ASI) की अज्ञात हमलावरों ने सरेआम गोलियां मारकर हत्या कर दी है। यह दर्दनाक घटना उस वक्त हुई जब पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी पर जाने के लिए घर से निकला था। इस वारदात के बाद से ही पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और पुलिस महकमे में भी शोक की लहर दौड़ गई है।
घात लगाकर बैठे हमलावरों ने किया वार
मृतक एएसआई की पहचान जोगा सिंह (पुत्र प्यारा सिंह) के रूप में हुई है, जो गांव घणीए के के रहने वाले थे और अमृतसर सिटी पुलिस में तैनात थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जोगा सिंह रोजाना की तरह सुबह अपनी एक्टिवा पर सवार होकर ड्यूटी के लिए जा रहे थे। जैसे ही वह हमजा मोड़ के नजदीक पहुंचे, वहां पहले से घात लगाए बैठे अज्ञात हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। गोलियां लगने के कारण एएसआई जोगा सिंह ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
पुलिस की जांच और एसएसपी का बयान
घटना की सूचना मिलते ही मजीठा पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और पूरे इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है। घटनास्थल पर फोरेंसिक और तकनीकी टीमें सुराग इकट्ठा कर रही हैं ताकि हमलावरों की जल्द से जल्द पहचान की जा सके। इस मामले में अमृतसर देहाती के एसएसपी सोहैल मीर ने बताया कि उन्हें सुबह सूचना मिली थी कि फतेहगढ़ चूड़ियां-मजीठा रोड पर एएसआई जोगा सिंह का शव पड़ा है। मौके की जांच में गन शॉट इंजरी के निशान मिले हैं। उन्होंने बताया कि यह एक काफी व्यस्त सड़क है, इसलिए पुलिस निजी रंजिश, रोड रेज और अन्य सभी संभावित पहलुओं से इस हत्याकांड की गहराई से जांच कर रही है। एसएसपी ने दावा किया है कि जल्द ही इस मामले को सुलझा लिया जाएगा।
चुनाव से पहले सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हत्याकांड ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। गौरतलब है कि मजीठा में 26 मई को नगर परिषद के चुनाव होने जा रहे हैं। चुनावों के मद्देनजर पूरे हलके में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। बीते दिनों अमृतसर देहाती पुलिस ने अलग-अलग इलाकों में फ्लैग मार्च निकालकर लोगों को सुरक्षा का भरोसा भी दिलाया था। ऐसे सख्त सुरक्षा हालातों के बीच एक ऑन-ड्यूटी पुलिसकर्मी की सरेआम गोली मारकर हत्या होना कानून-व्यवस्था की स्थिति पर एक बहुत बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है और अपराधियों के बुलंद हौसलों को दर्शाता है।

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