विश्लेषण: कॉकरोच जनता पार्टी', आक्रोश का डिजिटल व्यंग्य या कोई सोची-समझी साजिश?
अमृतसर स्थित गुरुद्वारा शहीद गंज बाबा दीप सिंह जी में रविवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां निर्माणाधीन लंगर हॉल की छत अचानक भरभरा कर गिर गई। इस हादसे की चपेट में आने से वहां सेवा कर रही दो महिलाओं की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि नौ अन्य महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गई हैं। घटना के तुरंत बाद वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। संगत की मदद से आनन-फानन में सभी घायलों को इलाज के लिए श्री गुरु रामदास अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
लोहे की प्लेटें गिरने से मची चीख-पुकार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुद्वारे में बाबा भूरी वाले का लंगर चल रहा था और उसी जगह कंस्ट्रक्शन का काम भी जारी था। अचानक छत की लोहे की भारी प्लेटें टूटकर सीधे नीचे मौजूद संगत और सेवा कर रही महिलाओं पर आ गिरीं। सिविल डिफेंस के इंचार्ज ने बताया कि यह घटना लंगर के दौरान घटी। अजनाला निवासी एक घायल महिला ने अस्पताल में दर्दनाक मंजर बयां करते हुए बताया कि वह माथा टेकने के लिए अपनी बारी के इंतजार में कतार में खड़ी थी। उसी पल अचानक ऊपर से छत का मलबा गिरा और वह बेहोश हो गई। महिला के सिर पर गहरी चोटें आई हैं और टांके भी लगे हैं। घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद संगत ने बिना समय गंवाए मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला।
पुलिस और प्रशासन ने शुरू की जांच
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी हरकत में आ गए। अमृतसर की एसपी अमनदीप कौर ने तुरंत श्री गुरु रामदास अस्पताल पहुंचकर घायल महिलाओं का हालचाल जाना और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों की एक विशेष टीम सभी घायलों का गहन इलाज कर रही है और उन्हें हर संभव चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जा रही है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीम इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है ताकि निर्माण कार्य में हुई लापरवाही और हादसे के असल कारणों का पता लगाया जा सके।

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