Sun, 06 Sep 2026
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मनी लॉन्ड्रिंग मामले में घिरे पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा, कोर्ट ने 7 दिनों की ED रिमांड पर भेजा

पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक गंभीर मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद, उन्हें गुरुग्राम की एक विशेष अदालत में पेश किया गया। शनिवार देर रात तक चली करीब तीन घंटे की मैराथन सुनवाई के बाद अदालत ने संजीव अरोड़ा को सात दिनों की ईडी रिमांड पर भेजने का आदेश दिया है। हालांकि जांच एजेंसी ने मामले की गहराई तक जाने के लिए दस दिनों की रिमांड मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने सात दिनों का समय तय किया है। अब इस अवधि के दौरान केंद्रीय एजेंसी मंत्री से वित्तीय लेन-देन और करोड़ों रुपये के संदिग्ध निवेश को लेकर कड़ाई से पूछताछ करेगी।

छापेमारी और गिरफ्तारी का पूरा घटनाक्रम

संजीव अरोड़ा के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसी की यह कार्रवाई शनिवार तड़के शुरू हुई थी, जब भारी सुरक्षा बलों के साथ ईडी की टीमों ने उनके कई ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। जांच टीम सुबह करीब 5 बजे मंत्री के चंडीगढ़ स्थित सेक्टर-2 के सरकारी आवास पर 15 गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंची थी। चंडीगढ़ के अलावा दिल्ली और गुरुग्राम में उनसे जुड़े अन्य ठिकानों पर भी एक साथ तलाशी ली गई। लगभग 12 घंटे तक चली गहन पूछताछ और दस्तावेजों की छानबीन के बाद, अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण कागजात अपने कब्जे में लिए और उनके बैंक खातों को सीज कर दिया। इसके बाद देर शाम उन्हें हिरासत में लेकर टीम दिल्ली के लिए रवाना हो गई, जहां से उनकी गिरफ्तारी की औपचारिक पुष्टि हुई।

किन आरोपों के घेरे में हैं कैबिनेट मंत्री

कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के खिलाफ यह पूरी कार्रवाई कथित मनी लॉन्ड्रिंग और फर्जी जीएसटी बिलिंग के आरोपों के आधार पर की गई है। ईडी सूत्रों के मुताबिक, उनके खिलाफ रियल एस्टेट कारोबार में भारी अनियमितताओं, विदेशों से संदिग्ध धन के लेन-देन और फर्जी बिलों के जरिए कर चोरी करने के गंभीर इनपुट मिले थे। एजेंसी अब रिमांड के दौरान उन कड़ियों को जोड़ने की कोशिश करेगी जो फर्जी जीएसटी बिलिंग के जरिए काले धन को सफेद करने के खेल की ओर इशारा करती हैं। इसके अलावा मंत्री के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और उनके सहयोगियों के साथ हुए वित्तीय समझौतों की भी बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि घोटाले की कुल राशि और इसमें शामिल अन्य चेहरों का पता लगाया जा सके।

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