Canada में पंजाबी व्यक्ति के लगे Wanted के पोस्टर! जानें क्या है पूरा मामला
जालंधर शहर में बढ़ते शोर-शराबे और ध्वनि प्रदूषण को कम करने के लिए पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत नए आदेश जारी किए हैं। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य आवासीय क्षेत्रों और साइलेंस जोन में शांति व्यवस्था बनाए रखना है ताकि बुजुर्गों, मरीजों और विद्यार्थियों को शोर से राहत मिल सके।
रात के समय हॉर्न और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर रोक
नए निर्देशों के मुताबिक, अब रात 10 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक शहर के रिहायशी इलाकों में हॉर्न बजाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। केवल किसी एमरजेंसी की स्थिति में ही इसकी छूट दी जाएगी। इसके साथ ही रात के समय ढोल, भोंपू, साउंड एम्पलीफायर और डीजे जैसे उपकरणों के इस्तेमाल पर भी रोक रहेगी। यह नियम केवल सड़कों पर ही नहीं, बल्कि मैरिज पैलेस, होटलों और निजी कार्यक्रमों पर भी समान रूप से लागू होगा।
सुप्रीम कोर्ट के मानकों का पालन करना जरूरी
पुलिस कमिश्नर ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि दिन के समय भी लाउडस्पीकर या पब्लिक एड्रेस सिस्टम का उपयोग किया जाता है, तो उसकी आवाज तय मानकों के भीतर ही होनी चाहिए। किसी भी निजी साउंड सिस्टम का शोर स्तर निर्धारित सीमा से 5 डीबी (ए) से ज्यादा नहीं होना चाहिए। वाहनों में लगे म्यूजिक सिस्टम के लिए भी नियम कड़े किए गए हैं, ताकि उनकी आवाज गाड़ी से बाहर सुनाई न दे।
नियम तोड़ने वालों पर होगी सीधी कार्रवाई
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि ये आदेश 8 मई 2026 तक शहर में प्रभावी रहेंगे। यदि कोई व्यक्ति या संस्थान इन नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो पुलिस न केवल संबंधित साउंड सिस्टम और उपकरण जब्त कर लेगी, बल्कि दोषी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। शहरवासियों से अपील की गई है कि वे इन नियमों का पालन करें और शहर को प्रदूषण मुक्त बनाने में सहयोग दें।



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