Sun, 20 Sep 2026
G2M देता है आप कीं क़लम आप के हाथ । G2M पर विज्ञापन देने के लिए 9780802173 पर संपर्क करें । G2M देता है आप को स्वतंत्र पत्रकारिता का सुनहरा मौक़ा, बह भी विना किसी शुल्क के। G2M देता है आप कीं क़लम आप के हाथ । G2M पर विज्ञापन देने के लिए 9780802173 पर संपर्क करें । G2M देता है आप को स्वतंत्र पत्रकारिता का सुनहरा मौक़ा, बह भी विना किसी शुल्क के।
Post Details

वैक्सीन साइड इफेक्ट्स केस में सुप्रीम कोर्ट सख्त, सरकार को बनानी होगी कंपनसेशन पॉलिसी

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कोविड वैक्सीनेशन से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को बड़ा निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स से प्रभावित लोगों के लिए सरकार को मुआवजा नीति तैयार करनी चाहिए। इसके लिए ‘नो-फॉल्ट कंपनसेशन पॉलिसी’ बनाने को कहा गया है।

इस पॉलिसी का मतलब है कि यदि किसी व्यक्ति को दवा या वैक्सीन से नुकसान होता है तो उसे मुआवजा मिल सकता है, भले ही इसमें किसी की गलती साबित न हुई हो।

वैक्सीन साइड इफेक्ट्स के आंकड़े सार्वजनिक करने होंगे
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स से जुड़े आंकड़े समय-समय पर सार्वजनिक किए जाएं ताकि लोगों को सही जानकारी मिल सके। साथ ही अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इस फैसले का यह मतलब नहीं होगा कि प्रभावित व्यक्ति अन्य कानूनी विकल्पों का सहारा नहीं ले सकता।

मुआवजा नीति का मतलब गलती मानना नहीं
कोर्ट ने यह भी साफ किया कि मुआवजा नीति बनाने का अर्थ यह नहीं है कि सरकार या किसी अन्य प्राधिकरण ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है।

जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने कहा कि वैक्सीनेशन के साइड इफेक्ट्स की निगरानी के लिए जो मौजूदा सिस्टम है, वही जारी रहेगा और इसके लिए अलग से कोई नया एक्सपर्ट पैनल बनाने की जरूरत नहीं है।

2021 में दायर याचिका पर आया फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला रचना गंगू और वेणुगोपालन गोविंदन की ओर से 2021 में दायर याचिका पर सुनाया। याचिका में आरोप लगाया गया था कि उनकी बेटियों की मौत कोविड वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स के कारण हुई थी। अदालत ने मामले पर सुनवाई के बाद सरकार को मुआवजा नीति बनाने का निर्देश दिया है।

Comments

No comments yet.



Latest News

Number of Visitors - 221501

Share this Post