Sun, 20 Sep 2026
G2M देता है आप कीं क़लम आप के हाथ । G2M पर विज्ञापन देने के लिए 9780802173 पर संपर्क करें । G2M देता है आप को स्वतंत्र पत्रकारिता का सुनहरा मौक़ा, बह भी विना किसी शुल्क के। G2M देता है आप कीं क़लम आप के हाथ । G2M पर विज्ञापन देने के लिए 9780802173 पर संपर्क करें । G2M देता है आप को स्वतंत्र पत्रकारिता का सुनहरा मौक़ा, बह भी विना किसी शुल्क के।
Post Details

गैस की किल्लत से देश में हड़कंप: 10 राज्यों में कमर्शियल सिलेंडर पर रोक, सप्लाई कंट्रोल मोड में

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब भारत में कुकिंग गैस (LPG) की सप्लाई पर भी दिखाई देने लगा है। गैस शिपमेंट में देरी के कारण देश में गैस की किल्लत पैदा हो गई है। स्थिति को देखते हुए मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, छत्तीसगढ़, हरियाणा, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में फिलहाल कॉमर्शियल गैस की सप्लाई रोक दी गई है। इस फैसले से इन राज्यों में होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट कारोबार पर बड़ा असर पड़ सकता है और कई जगहों पर कारोबार ठप होने की आशंका जताई जा रही है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से अटकी सप्लाई
मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के कारण भारत आने वाली LPG की खेप प्रभावित हो गई है। भारत में आने वाली ज्यादातर LPG सप्लाई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते आती है। हालिया हालात में यह समुद्री रास्ता बाधित हो गया है, जिसके कारण गैस शिपमेंट में देरी हो रही है और घरेलू बाजार में इसकी कमी महसूस की जा रही है।

सरकार ने लागू किया एसेंशियल कमोडिटी एक्ट
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने देश में गैस की सप्लाई को रेगुलेट करने के लिए ‘एसेंशियल कमोडिटी एक्ट, 1955’ लागू कर दिया है। इसके तहत गैस की उपलब्धता और वितरण को प्राथमिकता के आधार पर तय किया जाएगा ताकि जरूरी सेक्टरों को पहले गैस मिल सके।

  • चार कैटेगरी में बांटी जाएगी गैस
    पहली कैटेगरी में घरेलू उपयोग की रसोई गैस (PNG) और वाहनों में इस्तेमाल होने वाली CNG शामिल है। इनकी सप्लाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा और इन्हें पहले की तरह पूरी गैस मिलती रहेगी।
  • दूसरी कैटेगरी में खाद बनाने वाली फैक्ट्रियां शामिल हैं। खेती के लिए जरूरी खाद उत्पादन को ध्यान में रखते हुए इन्हें कम से कम 70 प्रतिशत गैस दी जाएगी, लेकिन फैक्ट्रियों को यह साबित करना होगा कि गैस का इस्तेमाल केवल खाद बनाने में ही किया जा रहा है।
  • तीसरी कैटेगरी में नेशनल ग्रिड से जुड़े बड़े उद्योग आते हैं, जिनमें चाय फैक्ट्रियां और अन्य बड़े औद्योगिक यूनिट शामिल हैं। इन्हें उनकी जरूरत के हिसाब से करीब 80 प्रतिशत गैस दी जाएगी।
  • चौथी कैटेगरी में छोटे उद्योग, होटल और रेस्टोरेंट शामिल हैं। शहरों के गैस नेटवर्क से जुड़े इन कारोबारों को भी उनकी पुरानी खपत के आधार पर करीब 80 प्रतिशत गैस सप्लाई दी जाएगी।

पंजाब में 8 मार्च से कॉमर्शियल सिलेंडर डिस्पैच बंद
पंजाब में 8 मार्च से ही 19 किलो वाले कॉमर्शियल और बड़े इंडस्ट्रियल सिलेंडरों की डिस्पैच रोक दी गई है। इसके साथ ही डिस्ट्रीब्यूटर्स को निर्देश दिया गया है कि घरेलू गैस सिलेंडर की नई बुकिंग 25 दिन से पहले स्वीकार न की जाए।

रिफाइनरियों को LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश
गैस संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने सभी ऑयल रिफाइनरी कंपनियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया है। आदेश के अनुसार अब रिफाइनरियां प्रोपेन और ब्यूटेन का इस्तेमाल मुख्य रूप से रसोई गैस बनाने के लिए करेंगी, ताकि घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता दी जा सके।

Comments

No comments yet.



Latest News

Number of Visitors - 221359

Share this Post