Wed, 21 Oct 2026
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'टटीरी' गाने पर बादशाह की बढ़ी मुश्किलें, हरियाणा महिला आयोग ने माफी ठुकराकर जारी किया समन

मशहूर बॉलीवुड सिंगर और रैपर बादशाह अपने नए गाने 'टटीरी' को लेकर कानूनी और सामाजिक पचड़े में फंसते नजर आ रहे हैं। गाने के बोल और उसमें लड़कियों के फिल्मांकन पर उपजे विवाद के बाद बादशाह ने सोशल मीडिया पर माफी मांगते हुए खुद को 'हरियाणा का बेटा' बताकर माफ करने की गुहार लगाई थी। हालांकि, हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने इस माफी को सिरे से खारिज कर दिया है। आयोग का स्पष्ट कहना है कि केवल माफी मांग लेने से महिलाओं के प्रति दिखाए गए गंदे नजरिए और आपत्तिजनक भाषा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

13 मार्च को पेशी का आदेश और बैन की चेतावनी

इस मामले में आयोग ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए बादशाह को समन जारी किया है। सिंगर को आगामी 13 मार्च को पानीपत के एसपी कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि यदि सिंगर तय तारीख पर पेश नहीं होते हैं, तो आयोग उनके गानों को पूरे हरियाणा में बैन कराने की सिफारिश करेगा। आयोग का मानना है कि कलाकारों को अपनी लोकप्रियता का फायदा उठाकर समाज में अश्लीलता परोसने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

शब्दों के अर्थ पर दी खुली चुनौती

रेनू भाटिया ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से उनके पास लगातार फोन आ रहे हैं, जिनमें बादशाह के करीबियों द्वारा यह तर्क दिया जा रहा है कि आयोग ने गाने के शब्दों का गलत अर्थ निकाला है। इस पर पलटवार करते हुए अध्यक्ष ने बादशाह को खुली चुनौती दी है कि वे गाने में इस्तेमाल किए गए शब्दों का कोई भी सकारात्मक अर्थ बता दें। उन्होंने कहा कि बादशाह चाहे फ्रेंच, जर्मन, इटालियन या दुनिया की किसी भी भाषा का हवाला दें, लेकिन उन्हें यह साबित करना होगा कि उन शब्दों का महिलाओं के सम्मान में कोई अच्छा अर्थ निकलता है।

बेटे वाली दलील पर आयोग का प्रहार

बादशाह द्वारा खुद को हरियाणा का बेटा बताए जाने पर भी आयोग ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। रेनू भाटिया के अनुसार, एक बेटा अपनी मां और बहनों के सम्मान की रक्षा करता है, न कि उन्हें गंदे नजरिए से पेश करता है। आयोग ने स्पष्ट किया कि बादशाह का यह कृत्य एक कलाकार की गरिमा के खिलाफ है और इसे सिर्फ 'भावनात्मक कार्ड' खेलकर खत्म नहीं किया जा सकता। अब सभी की नजरें 13 मार्च को होने वाली पेशी पर टिकी हैं, जहां बादशाह को आयोग के तीखे सवालों का सामना करना पड़ेगा।

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