Wed, 21 Oct 2026
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दिल्ली में अब बढ़ेगी ज़िलों की गिनती, कैबिनेट ने लिया फैसला

दिल्ली की आम जनता के लिए सरकारी काम-काज को आसान बनाने और प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से दिल्ली कैबिनेट ने गुरुवार को एक बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट ने राजधानी के मौजूदा 11 राजस्व जिलों (Revenue Districts) को पुनर्गठित कर 13 नए जिलों में बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस प्रस्ताव को लागू करने के लिए अब अंतिम मंजूरी हेतु उपराज्यपाल (LG) विनय कुमार सक्सेना के पास भेजा जाएगा।

एमसीडी जोन और नए जिलों में होगा सीधा तालमेल

इस पुनर्गठन का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक सीमाओं के बीच के अंतर को खत्म करना है। नए ढांचे के तहत बनाए जा रहे 13 जिले एमसीडी (MCD) के 12 जोन, न्यू दिल्ली म्युनिसिपल काउंसिल (NDMC) और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड के साथ पूरी तरह से मेल खाएंगे। अभी तक राजस्व जिलों और एमसीडी जोन की सीमाएं अलग-अलग होने के कारण कई बार विकास कार्यों और अधिकार क्षेत्र को लेकर विभागों में भ्रम की स्थिति बनी रहती थी, जिसे अब पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा।

मिनी सेक्रेटेरिएट से आसान होगी सरकारी राह

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस योजना की जानकारी देते हुए बताया कि इस बदलाव से जनता को बड़ी राहत मिलेगी। नए जिलों के गठन के साथ ही एसडीएम (SDM) कार्यालयों की संख्या मौजूदा 33 से बढ़ाकर 39 कर दी जाएगी। इसके अलावा, हर जिले में एक 'मिनी सेक्रेटेरिएट' बनाया जाएगा। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि जाति प्रमाण पत्र, जमीन की रजिस्ट्री या अन्य सरकारी सेवाओं के लिए लोगों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, बल्कि सारी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिल सकेंगी।

सीमाओं के विवाद को खत्म करने की पहल

गौरतलब है कि दिल्ली में अब तक 11 राजस्व जिले थे, जिनमें सेंट्रल, ईस्ट, न्यू दिल्ली, नॉर्थ, नॉर्थ ईस्ट, नॉर्थ वेस्ट, शाहदरा, साउथ, साउथ ईस्ट, साउथ वेस्ट और वेस्ट शामिल हैं। आखिरी बार साल 2012 में नए जिले के रूप में साउथ-ईस्ट और शाहदरा का गठन किया गया था। लेकिन एमसीडी के 12 जोन और एनडीएमसी-कैंटोनमेंट के अलग इलाके होने की वजह से अक्सर जगहों को लेकर झगड़े होते थे। इस नए फैसले से प्रशासन और जनता दोनों के लिए कामकाज अधिक पारदर्शी और सुगम हो जाएगा।

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