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अर्बन एस्टेट फाटक घंटों रहता बंद, डीआरएम पर लगाए आरोप
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जालंधर (राजन) : साढ़े पांच महीने बंद रहने वाले अर्बन एस्टेट फाटक सी-7 को टेंपरेरी तौर पर खोल दिया गया है। अब स्थानीय लोगों ने डिविजनल रेलवे मैनेजर (डीआरएम) फिरोजपुर मंडल पर ही पावर का गलत इस्तेमाल करने के आरोप लगाए हैं।
उनका कहना है कि पहले रेलगाड़ी आने से पांच से दस मिनट पहले फाटक बंद होता था और अब तो आधे से एक घंटे तक फाटक बंद रखा जा रहा है। रेलवे की तरफ से सुभाना अंडरब्रिज तैयार करने के बाद फाटक नंबर सी-8 और सी-7 को पक्के तौर पर बंद कर दिया था। बरसात के मौसम में अंडरब्रिज में पानी भर जाने और फाटक को खोलने को लेकर किए प्रदर्शन की वजह से फाटक को दोबारा टेंपरेरी खोला गया है। लोगों का आरोप है डीआरएम गलत आदेश देकर फाटक को अत्यधिक देरी तक बंद रखवा रहे हैं। हालात ये बन गए हैं कि इस मार्ग पर स्कूल, अस्पताल और स्थानीय लोगों को इस वजह से परेशानियां झेलनी पड़ रही है। जालंधर-नकोदर रेल लाइन पर 60 सालों में ऐसा कभी नहीं हुआ कि फाटक पांच से दस मिनट से अतिरिक्त समय तक बंद रहा हो जालंधर-नकोदर के मध्य 18 रेलवे क्रासिंग आती हैं। इसमें से सात से आठ ही महज रेलगाड़ियां गुजरती हैं, लेकिन गलत आदेशों की वजह से लोग परेशानियां झेल रहे हैं। स्थनीय
लोगों और अंकित कसरा ने कहा कि अगर डीआरएम ने अपना गलत रवैया नहीं छोड़ा और फाटक की स्थिति में सुधार नहीं किया तो फिर से शांतमयी ढंग से रेल रोको आंदोलन करेंगे रेलवे की वर्किंग और रूल से कोई वाहर नहीं जा सकता। डीआरएम संजीव कुमार ने कहा कि फाटक उनके आदेशों पर बंद व खोला नहीं जा सकता। रेलवे की वर्किंग और नियम ही ऐसे हैं कि जबतक एक से दूसरे स्टेशन तक आने वाले गेट बंद नहीं होते, तब तक स्टेशन मास्टर गाड़ी को आगे रवाना करने के लिए नहीं छोड़ सकता। गेटमैन की तरफ से गेट बंद करने की सूचना दी जाती है व उसकी टाइमिंग तक लिखवाई जाती हैं। उसके बाद ही ट्रेन को रवाना किया जाता है। 32 से 34 किमी तक के इस फासले के मध्य हाल्ट भी है, जहां रेलगाड़ी रुकती है। इस वजह से रेलगाड़ी के फाटक पर पहुंचने में आधे से पौने घंटे तक का समय लग जाता है। दूसरी तरफ जब जालंधर स्टेशन से रेलगाड़ी गुजरती है तो चंद ही मिनटों में फाटक पर पहुंच जाती है व उसके बाद फाटक खुल जाता है। सेफ्टी के नियमों को कोई भी ब्रेक नहीं करवा सकता है।
पार्पद बोले-डीआरएम के समक्ष मामला उठाया था, पर संतोषजनक जवाब नहीं मिला
पार्षद मिंटू जुनेजा का कहना है कि सी-7 फाटक विरोध के बाद खोला तो गया है, पर एक-एक घंटे तक बंद रह रहा है। इस वजह से स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है। यह मुद्दा डिविजनल रेलवे मैनेजर फिरोजपुर मंडल के समक्ष उठाया था। उन्होंने खुद फोन काल करके इस बारे में बात की थी, पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। जनता की परेशानियों को देखते हुए फाटक की स्थिति में सुधार किया जाना तो जरूरी है। आखिर एक घंटे तक लोग फाटक के आगे खड़े होकर परेशान क्यूं हों।


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