Sat, 21 Mar 2026
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आतंकी जगतार सिंह तारा अवैध फंडिग मामले में बरी, बेअंत सिंह हत्याकांड में पहले से काट रहा उम्रकैद की सजा पढ़ें पूरी खबर 

आतंकी जगतार सिंह तारा अवैध फंडिग मामले में बरी, बेअंत सिंह हत्याकांड में पहले से काट रहा उम्रकैद की सजा

पढ़ें पूरी खबर 

 

जालंधर (राजन) : पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के दोषी और बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) से जुड़े खालिस्तान समर्थक आतंकी जगतार सिंह तारा को मंगलवार को जालंधर की अदालत ने अवैध फंडिंग से जुड़े 16 साल पुराने मामले में बरी किया है।

यह मामला वर्ष 2009 में थाना भोगपुर में गैरकानूनी गतिविधियां (निरोधक) अधिनियम (युआपा) की धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ था। इसमें आतंकी जगतार तारा पर अवैध तरीकों से फंडिंग जुटाकर कुछ संगठनों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के आरोप लगाए गए, जिससे राज्य की शांति-व्यवस्था को खतरा पहुंचा। जांच और गवाहों के बयानों के दौरान अभियोजन पक्ष उसके खिलाफ ठोस साक्ष्य पेश करने में नाकाम रहा।

इस केस की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सेशन जज राजीव कुमार बेरी की अदालत में हुई। अदालत में पिछली सुनवाई के दौरान तारा का बयान दर्ज किया गया था। दोनों पक्षों की अंतिम बहस पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला 28 अक्टूबर के लिए सुरक्षित रखा था।

मंगलवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने सुबूतों और गवाहों के आधार पर जगतार तारा को सभी आरोपों से बरी करने का आदेश सुनाया। अदालत में पेशी के दौरान तारा को चंडीगढ़ की बुड़ैल जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया गया। सुरक्षा कारणों के चलते अदालत परिसर में पुलिस की कड़ी निगरानी रखी गई थी।

 

बेअंत सिंह हत्याकांड में पहले से उम्रकैद

जगतार सिंह तारा वर्ष 1995 में पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में दोषी ठहराया जा चुका है। उस बम धमाके में 21 लोग, मारे गए थे। इनमें 17 पंजाब पुलिस कर्मी शामिल थे। तारा को इस मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी और वह वर्तमान में बुड़ैल जेल चंडीगढ़ में सजा काट रहा है।

 

फरारी और गिरफ्तारी की कहानी

बेअंत सिंह हत्याकांड में सजा काट रहा तारा वर्ष 2004 में तारा बुड़ैल जेल से फरार हो गया था। उसके बाद वह कई वर्षों तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहा। बाद में थाईलैंड से उसकी गिरफ्तारी हुई और उसे भारत लाया गया। तब से वह लगातार जेल से ही विभिन्न पुराने मामलों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश होता आ रहा है। अवैध फंडिंग केस में बरी होने के बाद भी तारा को जेल में ही रहना होगा, क्योंकि वह बेअंत सिंह हत्याकांड में पहले से उम्रकैद की सजा काट रहा है।


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