Sat, 02 May 2026
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एयर इंडिया का एक और प्लेन क्रैश होने से बचा, 900 फीट तक नीचे आ गया था 

अहमदाबाद में 12 जून को एयर इंडिया के प्लेन क्रैश को लोग अभी भूले भी नहीं थे कि एक और एयर इंडिया का प्लेन क्रैश होने से बच गया। दिल्ली से विएना जा रहे एयर इंडिया के प्लेन AI 187 में अचानक टेकऑफ के दौरान खराबी आ गई। जिस कारण प्लेन 900 फीट तक नीचे आ गया। पर गनीमत रही कि प्लेन हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गया। 

टेक ऑफ के बाद नीचे आने लगा प्लेन 
बताया जा रहा है कि दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 14 जून को एयर इंडिया का बोइंग 777 विमान उड़ान भरने के बाद कुछ मिनटों बाद ही अचानक से खतरनाक तरीके से नीचे आने लगा। पायलट को ‘स्टॉल वॉर्निंग' और ‘ग्राउंड प्रॉक्सिमिटी वॉर्निंग सिस्टम' (GPWS) की ‘डोंट सिंक' वॉर्निंग कॉकपिट के अंदर मिलने लगी, जिसके बाद उसे तकनीकी खराबी का एहसास हुआ।

शेकर’ अलार्म हुए  एक्टिव
कॉकपिट में लगातार अलार्म बजने लगे 'स्टॉल वॉर्निंग' और ‘GPWS डोंट सिंक’ जैसी चेतावनियां पायलट्स को बताने लगीं कि अब और देरी खतरे को दावत दे सकती है।  इसके साथ ही स्टिक शेकर’ अलार्म भी एक्टिव हो गया यह सिस्टम तब सक्रिय होता है जब विमान स्टॉल की कगार पर पहुंच जाता है और पायलट के कंट्रोल कॉलम को ज़ोर-ज़ोर से हिलाने लगता है, ताकि पायलट को स्थिति की गंभीरता का तुरंत एहसास हो। 

पायलट ने वियना में सुरक्षित लैंडिंग
हालांकि इस दौरान पायलट्स ने समय पर निर्णय लेते हुए तुरंत विमान की दिशा और गति पर नियंत्रण पाया और उसे सुरक्षित ऊंचाई पर पहुंचा दिया। फ्लाइट ने आगे की 9 घंटे की यात्रा पूरी की और वियना में सुरक्षित लैंडिंग की।  वहां से नया क्रू आया और विमान को टोरंटो के लिए रवाना कर दिया गया। 

12 जून को हुआ था प्लेन क्रैश 
बता दें कि यह मामला 12 जून को हुए अहमदाबाद प्लेन क्रैश के बाद 14 जून का है। हैरानी की बात यह है कि फ्लाइट के पायलट्स ने अपनी रिपोर्ट में सिर्फ इतना लिखा कि ‘टेक-ऑफ के समय टर्बुलेंस के कारण स्टिक शेकर एक्टिव हुआ , लेकिन उन्होंने बाकी चेतावनियों का ज़िक्र ही नहीं किया। 

लापरवाही के कारण दोनों पायलट्स को किया सस्पेंड
लेकिन जब DGCA  ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (DFDR) की जांच करवाई, तब जाकर असली तस्वीर सामने आई। जिसके कारण पता लगा कि विमान को कई गंभीर तकनीकी अलर्ट मिले थे। वही अब DGCA ने इस लापरवाही पर तुरंत सख्त कदम उठाते हुए दोनों पायलट्स को ड्यूटी से सस्पेंड कर दिया है। 


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