AAP नेता कीमती भगत ने झोटा परिवार पर उठाए सवाल, लक्खा सिधाना और भाना सिद्धू को बताया महामूर्ख
इतनी सारी यादों के होते भी जब दिल में
वीरानी होती है तो हैरानी होती है
अफ़ज़ल ख़ान
क्या कहूँ उस से कि जो बात समझता ही नहीं
वो तो मिलने को मुलाक़ात समझता ही नहीं
फ़ातिमा हसन
तू भी सादा है कभी चाल बदलता ही नहीं
हम भी सादा हैं इसी चाल में आ जाते हैं
अफ़ज़ल ख़ा
मुसाफ़िर हैं हम भी मुसाफ़िर हो तुम भी
किसी मोड़ पर फिर मुलाक़ात होगी
बशीर बद्र
ग़ैरों से तो फ़ुर्सत तुम्हें दिन रात नहीं है
हाँ मेरे लिए वक़्त-ए-मुलाक़ात नहीं है
लाला माधव राम जौहर







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