Saturday, 31 Jan 2026

भगवान का नाम भजते-भजते अहंकार ख़त्म हो जाता है

तूँ तूँ करता तूँ भया, मुझ मैं रही न हूँ : संत पलटूदास

वारी फेरी बलि गई, जित देखौं तित तूँ ॥ 

जीवात्मा कह रही है कि ‘तू है’ ‘तू है’ कहते−कहते मेरा अहंकार समाप्त हो गया। इस तरह
 भगवान पर न्यौछावर होते−होते मैं पूर्णतया समर्पित हो गई। अब तो जिधर देखती हूँ उधर तू ही दिखाई देता है।


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