जालंधर सिविल अस्पताल में जच्चा-बच्चा वार्ड में अफरा-तफरी, आग लगने से मचा हड़कंप
मुझको रस्ते में मिली जब भी कड़ी धूप कहीं
सर पे छाई है घटा बन के मेरी माँ की दुआ
तरुणा मिश्रा
अब बिछड़ जा कि बहोत देर से हम साथ में हैं
पेट भर जाए तो खाना भी बुरा लगता है
- शकील आज़मी
चाँद बन कर चमकने वाले ने
मुझ को सूरज-मिसाल कर डाला
हैदर क़ुरैशी
बे-उज़्र वो कर लेते हैं व'अदा ये समझ कर
ये अहल-ए-मुरव्वत हैं तक़ाज़ा न करेंगे
मुस्तफ़ा ख़ाँ शेफ़्ता





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