पंजाब सरकार के अंत का समय आ चुका है, विनाश काले विपरीत बुद्धि : विजय सांपला
पंजाब के विभिन्न शहरों में मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ पोस्टर लगाए जाने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। इन पोस्टरों में मुख्यमंत्री की तस्वीर के साथ उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां लिखी गई हैं। साथ ही संगत से उन्हें समर्थन न देने और उनसे दूरी बनाए रखने की अपील भी की गई है। पोस्टर सामने आने के बाद राजनीतिक और धार्मिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
जालंधर और मोहाली में दिखाई दिए पोस्टर
जालंधर के जीटीबी नगर स्थित गुरुद्वारा नौंवी पातशाही दुख निवारण साहिब के आसपास मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ पोस्टर लगाए गए हैं। इसी तरह मोहाली के खरड़ क्षेत्र में भी ऐसे पोस्टर देखे गए। पोस्टरों में मुख्यमंत्री की तस्वीर लगाकर उनके खिलाफ नारे लिखे गए हैं।
मुक्तसर के बरकंदी गांव में भी हुआ विरोध
श्री मुक्तसर साहिब के बरकंदी गांव में भी मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ पोस्टर लगाए गए। इन पोस्टरों में मुख्यमंत्री की तस्वीर पर क्रॉस का निशान बनाया गया था। पोस्टरों में उन्हें "गुरु दोखी" और "खालसा पंथ विरोधी" बताते हुए संगत से उनसे दूरी बनाए रखने की अपील की गई।
श्री अकाल तख्त साहिब में माफी मांगने की उठी मांग
इस मामले में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के सदस्य कुलवंत सिंह मनन ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से अकाल तख्त साहिब में जाकर अपनी कथित गलती के लिए माफी मांगने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री ऐसा नहीं करते हैं तो सिख संस्थाएं और धार्मिक संगठन अपने फैसलों पर कायम रहते हुए विरोध जारी रखेंगे।
पोस्टरबाजी से बढ़ी राजनीतिक चर्चा
मुख्यमंत्री के खिलाफ विभिन्न जिलों में लगाए गए इन पोस्टरों के बाद पंजाब की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। फिलहाल इस मामले को लेकर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन पोस्टरबाजी को लेकर राजनीतिक और धार्मिक संगठनों के बीच चर्चाओं का दौर जारी है।
Comments
No comments yet.