पंजाब में आज आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट, अगले 5 दिन हीट वेव का खतरा
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो से जुड़े कथित 20 लाख रुपये के रिश्वत मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी CBI की दर्ज एफआईआर की कॉपी सामने आई है। सीबीआई ने 11 मई को भारतीय न्याय संहिता की धारा 61(2) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं 7 और 7ए के तहत मामला दर्ज किया था।
स्टेट टैक्स अफसर की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
FIR के अनुसार मलोट के स्टेट टैक्स अफसर अमित कुमार ने 8 मई को CBI को लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि राघव गोयल और उनके पिता विकास गोयल उर्फ विक्की गोयल पंजाब विजिलेंस के डीजीपी शरद सत्य चौहान और उनके रीडर ओ.पी. राणा के बीच कथित तौर पर बिचौलियों की भूमिका निभा रहे थे।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसके खिलाफ विजिलेंस विभाग में लंबित शिकायत को बंद करवाने के बदले उससे गैरकानूनी रकम की मांग की गई।
जांच में सामने आई रकम और मोबाइल की मांग
CBI जांच के दौरान यह बात सामने आई कि आरोपियों द्वारा कथित रूप से 13 लाख रुपये और एक महंगे मोबाइल फोन की मांग की गई थी। आरोप है कि यह रकम और मोबाइल विजिलेंस दफ्तर में लंबित शिकायत को निपटाने के एवज में मांगे गए थे। इस मामले में ओ.पी. राणा, राघव गोयल, विकास गोयल उर्फ विक्की गोयल और अन्य अज्ञात सरकारी व निजी व्यक्तियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। मामले की जांच इंस्पेक्टर पवन कुमार को सौंपी गई है और जांच लगातार जारी है।
पिता-पुत्र को आज कोर्ट में किया जाएगा पेश
इस मामले में पुलिस रिमांड पर चल रहे विकास गोयल और उनके बेटे राघव गोयल को आज चंडीगढ़ जिला अदालत में पेश किया जाएगा। जांच एजेंसियां अब इस मामले में अन्य संभावित आरोपियों और पैसों के लेनदेन की कड़ियों को खंगाल रही हैं।

Comments
No comments yet.