पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से जुड़े हाई-प्रोफाइल मामले में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के जालंधर कार्यालय में तैनात एडिशनल डायरेक्टर रवि तिवारी का अचानक तबादला कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई कैप्टन को समन जारी करने और क्लोजर रिपोर्ट लीक होने के मामले में केंद्र सरकार के सख्त रुख के बाद की गई है।
क्लोजर रिपोर्ट लीक होने पर गिरी गाज
सूत्रों के अनुसार, भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। रवि तिवारी वही अधिकारी हैं जिन्होंने हाल ही में कैप्टन अमरिंदर सिंह को पूछताछ के लिए समन जारी किया था। जांच के दौरान क्लोजर रिपोर्ट से जुड़ी संवेदनशील जानकारी लीक होने के आरोपों के चलते विभाग ने उनके खिलाफ यह कड़ा कदम उठाया है।
FEMA उल्लंघन और विदेशी संपत्तियों की जांच
गौरतलब है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके बेटे रणइंदर सिंह के खिलाफ 'फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट' (FEMA) के तहत जांच जारी है। इस जांच का मुख्य आधार स्विट्जरलैंड और ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स में स्थित ट्रस्टों के माध्यम से किए गए संदिग्ध वित्तीय लेन-देन हैं। अंतरराष्ट्रीय संधियों के जरिए प्राप्त आय के रिकॉर्ड के आधार पर ED इस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है।



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