विदेश में मिलेगी पक्की नौकरी, इस लिंक पर क्लिक करें... कह ठग रहे साइबर ठग
वाट्सएप, फेसबुक व इंस्टाग्राम पर फर्जी आफर लेटर भेजकर ठग वना रहे शिकार
पढ़ें पूरी खबर
जालंधर (राजन) : जिले विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर डिजिटल ठगी का जाल तेजी से फैलता जा रहा है। आए दिन लोगों के मोबाइल पर ऐसे मैसेज, ई-मेल और इंटरनेट मीडिया विज्ञापन आ रहे हैं, जिनमें आकर्षक सैलरी, जल्दी वीजा और पक्की नौकरी का झांसा दिया जाता है। ठग युवाओं को विदेश में तुरंत नौकरी, वर्क परमिट की गारंटी और बिना इंटरव्यू नौकरी दिलवाने जैसे लुभावने दावों से अपना शिकार बना रहे हैं। पिछले कुछ समय में जालंधर में विदेश में नौकरी और स्टडी वीजा के नाम पर डिजिटल ठगी के कई मामले सामने आए हैं।
पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि ठग खुद को ट्रैवल एजेंट, इमीग्रेशन कंसल्टेंट या विदेश की नामी कंपनियों का प्रतिनिधि बताकर लोगों से संपर्क करते हैं। शुरुआत में व्हाट्सएप या फेसबुक के जरिए बातचीत होती है।
फिर फर्जी आफर लेटर, ई-मेल और नकली वेबसाइटों के लिंक भेजे जाते हैं। विश्वास जीतने के बाद पीड़ितों से ओतलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए लाखों रुपये वसूल लिए जाते हैं। रकम मिलते ही आरोपित अपने मोबाइल नंबर बंद कर देते हैं या इंटरनेट मीडिया अकाउंट डिलीट कर देते हैं।
यह लोग हो चुके हैं शिकार : जालंधर के एक निजी कंपनी में काम करने वाले युवक को व्हाट्सएप पर मैसेज मिला कि कनाडा में वेयरहाउस सुपरवाइजर की नौकरी उपलब्ध है, सैलरी ढाई लाख रुपये महीना होगी। युवक को फर्जी आफर लेटर और वीजा अप्रूवल मेल भेजी गई। भरोसा दिलाने के लिए ठगों ने वीडियो काल पर खुद को आफिस में बैठे दिखाया। युवक से प्रोसेसिंग फीस और वीजा चार्ज के नाम पर करीब छह लाख रुपये आनलाइन ट्रांसफर करवा लिए गए। इसके बाद आरोपित का फोन बंद हो गया।
इसी तरह शहर की एक युवती को इंस्टाग्राम पर यूके में होटल की नौकरी का विज्ञापन दिखा। लिंक पर क्लिक करते ही एक वेबसाइट खुली, जहां रजिस्ट्रेशन कराया गया। कुछ दिन बाद खुद को इमीग्रेशन कंसल्टेंट बताने वाले व्यक्ति ने काल कर कहा कि उसका चयन हो गया है। मेडिकल और डाक्यूमेंट वेरिफिकेशन के नाम पर 3.5 लाख रुपये लिए गए। जब युवती ने वीजा स्टेटस पूछा तो जवाब मिलना बंद हो गया।
विदेशी खातों में जमा करवाई जाती है रकम
इंटरनेट मीडिया और व्हाट्सएप साइबर ठगों के सबसे बड़े हथियार बन चुके हैं। फर्जी वेबसाइट, नकली ई-मेल आइडी और विदेशी नंबरों का इस्तेमाल कर यह गिरोह लोगों को आसानी से फंसा लेते हैं। कई मामलों में रकम विदेशों में बैठे खातों में ट्रांसफर करवाई जाती है, जिससे जांच और भी मुश्किल हो जाती है। इसलिए लोग खुद ही सतर्क रहें।
सतर्क रहें, बिना इंटरव्यू और तुरंत वीजा जैसे दावों पर भरोसा न करें : धनप्रीत कौर
पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर का कहना है कि सतर्क रहें, बिना लाइसेंस वाले ट्रैवल एजेंट या इमीग्रेशन कंसल्टेंट से दूरी बनाए रखें। किसी भी एजेंसी का लाइसेंस नंबर, कार्यालय का पता और पुराने रिकार्ड जरूर जांचें। गारंटी, बिना इंटरव्यू और तुरंत वीजा जैसे दावों पर भरोसा न करें। किसी भी तरह का भुगतान करने से पहले संबंधित दूतावास या आधिकारिक वेबसाइट से जानकारी की पुष्टि करें। यदि कोई व्यक्ति इस तरह की ठगी का शिकार होता है तो तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं। समय पर सूचना मिलने से ठगों तक पहुंचना और रकम की रिकवरी संभव हो सकती है।
भोगपुर के एक युवक को जर्मनी में टेक्नीशियन की नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया। ठगों ने स्टडी वीजा को वर्क वीजा में बदलने का दावा किया और नकली यूनिवर्सिटी एडमिशन लेटर थमा दिया। युवक से करीब चार लाख रुपये वसूले गए। बाद में जब उसने असली एजेंसी से जानकारी ली तो दस्तावेज फर्जी निकले। एक परिवार को अपने बेटे को आस्ट्रेलिया भेजने का सपना दिखाया गया। ठगों ने कहा कि वर्क परमिट के साथ पक्की नौकरी मिलेगी। शुरुआती भरोसे के बाद अलग-अलग किस्तों में करीब आठ लाख रुपये ले लिए गए। कुछ समय बाद ठगों ने ई-मेल और नंबर बदल दिए।

Comments
No comments yet.