जालंधर के शाहकोट स्थित भोयेवाल गांव का निवासी शरणदीप सिंह इन दिनों पाकिस्तान की जेल में बंद है, लेकिन उसकी वापसी को लेकर एक बेहद हैरान करने वाला मोड़ सामने आया है। शरणदीप ने स्पष्ट कर दिया है कि वह वापस पंजाब नहीं आना चाहता। उसने अपनी जान को खतरा बताते हुए पाकिस्तान में ही रहने की इच्छा जाहिर की है। यह खुलासा उस समय हुआ जब उसकी कानूनी मदद के लिए पहुंचे स्थानीय समाजसेवियों ने उससे जेल में मुलाकात की।
सीमा पार करने के बाद पाक रेंजर्स ने किया था गिरफ्तार
शरणदीप सिंह कुछ दिन पहले तरणतरण के सीमावर्ती इलाके से अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पार कर पाकिस्तान में दाखिल हो गया था। वहाँ तैनात पाकिस्तान रेंजर्स ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया और कड़ी पूछताछ की। पूछताछ के दौरान शरणदीप के पास से कोई भी संदिग्ध वस्तु या जानकारी नहीं मिलने के बाद, रेंजर्स ने उसे कसूर जिले की स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था, जहाँ वह वर्तमान में बंद है।
कानूनी मदद के लिए आगे आए लाहौर के वकील और यूट्यूबर
इस मामले में मानवीय आधार पर लाहौर के प्रसिद्ध यूट्यूबर नासिर ढिल्लों और एडवोकेट बाजवा शरणदीप की मदद के लिए आगे आए हैं। हाल ही में नासिर और वकील ने कसूर थाने में दर्ज एफआईआर को सार्वजनिक किया और जेल जाकर शरणदीप से मुलाकात की। उसकी जमानत के लिए आवश्यक कानूनी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर लिए गए। नासिर ढिल्लों ने बताया कि वे शरणदीप को कानूनी प्रक्रिया के तहत जेल से बाहर लाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन शरणदीप के जवाब ने उन्हें भी हैरान कर दिया।
पुरानी रंजिश और जान का खतरा बताया वापसी न करने की वजह
जेल में मुलाकात के दौरान जब शरणदीप को बताया गया कि उसे 15 दिनों के भीतर जमानत मिल सकती है, तो उसने भारत वापस आने से साफ इनकार कर दिया। उसने बताया कि पंजाब में उसके खिलाफ पहले से ही कई मामले दर्ज हैं और वहां कुछ लोगों के साथ उसकी गहरी रंजिश चल रही है। शरणदीप ने आरोप लगाया कि पंजाब में हमलावरों ने उसकी कलाई भी तोड़ दी थी। उसका दावा है कि यदि वह वापस भारत लौटता है, तो उसके विरोधी उसकी जान ले सकते हैं, इसलिए वह पाकिस्तान में ही सुरक्षित महसूस कर रहा है।






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