पंजाब में लंबे समय से नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के कर्मचारियों की हड़ताल आज तीसरे दिन भी जारी रही। NHM एम्प्लॉईज यूनियन पंजाब के आह्वान पर कर्मचारियों ने अपनी मांगों और पिछले दो महीने की रुकी हुई सैलरी को तुरंत जारी कराने के लिए सिविल सर्जन ऑफिस के बाहर धरना लगाया है। इस कारण पूरे राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित हुईं।
तीसरे दिन भी काम रहा ठप
हड़ताल के दौरान पंजाब भर के सभी नेशनल हेल्थ मिशन के कर्मचारियों ने विभाग के सभी कामकाज को पूरी तरह से ठप रखा। इससे ओपीडी (OPD) सेवाएं, ऑनलाइन-ऑफलाइन रिपोर्टिंग और अन्य विभागीय कार्य पूरी तरह से प्रभावित हुए। इस हड़ताल को पंजाब के हर जिले से कर्मचारियों का भरपूर समर्थन मिला।
2 महीने की सैलरी न मिलने से संकट
बात करते हुए NHM एम्प्लॉईज यूनियन पंजाब के वरिष्ठ नेता संदीप कौर बरनाला, गुलशन शर्मा फरीदकोट और डॉ. वाहिद मलेरकोटला ने बयान साझा कर कहा कि पिछले दो महीनों से वेतन न मिलने के कारण कर्मचारियों को आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में आने से पहले बड़े-बड़े वादे करने वाली आम आदमी पार्टी (आप) की पंजाब सरकार अपने वादों से भागती हुई नजर आ रही है। उनका कहना है कि वेतन जारी न करने और मुख्य मांगों को नजरअंदाज करने के कारण यह सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है।
4 दिसंबर को MD ऑफिस घेराव की चेतावनी
यूनियन के नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नेशनल हेल्थ मिशन कर्मचारियों की हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने वाले प्रभाव की पूरी जिम्मेदारी सरकार और विभाग की होगी। उन्होंने रोष व्यक्त करते हुए चेतावनी दी कि अगर सरकार ने तुरंत रुका हुआ वेतन जारी नहीं किया तो आगामी दिनों में संघर्ष को और तेज किया जाएगा। इसके तहत 4 दिसंबर को मिशन डायरेक्टर, नेशनल हेल्थ मिशन पंजाब के हेड ऑफिस का घेराव किया जाएगा।



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