फ्रांस में लगातार बढ़ती महंगाई, बढ़ते जीवन-यापन के खर्च और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़ी नाराजगी शनिवार, 17 अक्टूबर को देशव्यापी प्रदर्शनों के दौरान हिंसक रूप ले ली। पेरिस और मार्सिले सहित देश भर के कई प्रमुख शहरों में जोरदार प्रदर्शन और हिंसक झड़पें देखने को मिलेंगी, जिससे पूरे देश में तनाव का माहौल बन गया है।
इन हिंसक प्रदर्शनों और दंगों के बाद सुरक्षा बलों ने कार्रवाई करते हुए देश भर से लगभग 2,000 लोगों को हिरासत में लिया है। इस बीच, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने देश को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया है कि इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार उपद्रवियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
लिमोज में 143 साल पुरानी ऐतिहासिक इमारत आग के हवाले
इस राष्ट्रव्यापी हिंसा के दौरान मध्य फ्रांस के लिमोज शहर में भारी उपद्रव देखने को मिला, जहां एक ऐतिहासिक टाउन हॉल को आग के हवाले कर दिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने पहले टाउन हॉल के बाहर खड़ी एक पुलिस की गाड़ी में आग लगाई। इसके बाद कुछ नकाबपोश लोग जबरन इमारत के अंदर घुसे और आग लगा दी।
आग इतनी भयानक थी कि देखते ही देखते उसने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। आग बुझाने के लिए दमकलकर्मियों की टीमों को तुरंत तैनात किया गया और रविवार तक कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
घंटाघर ढहा और छत गिरी, ऐतिहासिक विरासत को भारी नुकसान
आग की भीषणता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि लिमोज के इस ऐतिहासिक टाउन हॉल की छत जलकर निचली मंजिलों पर गिर पड़ी और इसका घंटाघर भी ढह गया। क्षेत्रीय प्रशासन के प्रमुख मौरिस बारात के अनुसार, इमारत के बाहरी हिस्से का लगभग दो-तिहाई हिस्सा पूरी तरह नष्ट हो चुका है।
बता दें कि यह टाउन हॉल 19वीं सदी की एक बेहद महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर था। इसका निर्माण कार्य 1879 में शुरू हुआ था और 14 जुलाई 1883 को इसका उद्घाटन किया गया था, यानी यह इमारत करीब 143 साल पुरानी थी। अधिकारियों ने इस घटना को फ्रांस की ऐतिहासिक विरासत के लिए एक अपूरणीय और बड़ी त्रासदी करार दिया है।





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